धान नर्सरी, हरा चारा, सब्जियां सूखने की कगार पर, किसानों में भारी आक्रोश- पिंटू पाल
चंदौली। जिले के सकलडीहा तहसील के डेढ़गांवा-छरबलिया गांवों में लू भरी भीषण गर्मी ने सिंचाई व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। ग्राम सभा डेढ़गांवा का नलकूप संख्या 366 कई वर्षों से खराब पड़ा है और बेहद कम पानी दे रहा है। इससे धान की नर्सरी डालने वाले किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। पशुओं का हरा चारा, उड़द-मूंग व सब्जी की फसलें भी खतरे में हैं।
विभागीय लापरवाही से किसान परेशान
किसान नेता पिंटू पाल ने बताया कि विभाग के आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों को वैकल्पिक महंगे साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। छरबलिया ग्राम सभा के नलकूप संख्या 166 की 200 मीटर लंबी पाइपलाइन पिछले 4-5 वर्षों से जर्जर है, जो सिंचाई को पूरी तरह बाधित कर रही है। विभाग के अधिकारियों ने दो वर्षों में कई निरीक्षण किए, बजट आवंटन भी हुआ, लेकिन रिबोरिंग या मरम्मत लंबित है। स्थानीय किसान विजयकांत पासवान व गुड्डू जैसे लोग शिकायत करते हैं, "खेत सूख रहे हैं, विभाग सो रहा है।" इससे फसल उत्पादन में 30-50 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है।
आंदोलन की चेतावनी
पिंटू पाल ने चेतावनी दी कि नर्सरी का महत्वपूर्ण समय चल रहा है। यदि तत्काल दोनों नलकूपों की मरम्मत नहीं हुई तो किसान संगठन जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बड़ा आंदोलन छेड़ देगा। क्षेत्र के सैकड़ों किसान उनके नेतृत्व में एकजुट हो रहे हैं और प्रशासन से त्वरित राहत की मांग कर रहे हैं। यह समस्या उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में व्याप्त सिंचाई संकट को उजागर करती है।जहां किसानों के हितों की अनदेखी आम हो गई है।
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