कमालपुर,चंदौली। बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर तम्बागढ़ गांव में एक ऐसी मिसाल कायम हुई, जहां मानवता की मशाल जल उठी। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन (अबाजका) ने पिछले दिनों खेत में जलाई गई पराली की आग से तबाह हुए 20 गरीब दलित परिवारों को न सिर्फ राहत सामग्री बांटी, बल्कि उनके दर्द को सराहनीय तरीके से सांझा भी किया। ये परिवार मजदूर वर्ग के थे, जो मिट्टी-पुआल की झोपड़ियों में सपरिवार गुजारा करते थे। लेकिन एक चिंगारी ने उनकी पूरी गृहस्थी को राख कर दिया—साइकिलें, ट्रैक्टर ट्रॉली, अनाज के भंडार, बिस्तर, बर्तन, कपड़े और चारपाइयां सब जलकर खाक हो गईं। आग की लपटों ने न सिर्फ उनकी संपत्ति छीनी, बल्कि उनके सपनों को भी भस्म कर दिया।
अबाजका के अध्यक्ष महेंद्र कुमार के नेतृत्व में इस विपदा में पीड़ितों का साथ देने का अभियान चलाया गया। बुद्ध जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहले तथागत बुद्ध की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि कष्ट में फंसे इंसान को देखकर संवेदनशील होना ही सच्ची मानवता की पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा, "अबाजका समाज में सहयोग और वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक है। संकट के समय दूसरों का हाथ थामना हमारा नैतिक कर्तव्य है।" इस भावना को मूर्त रूप देते हुए प्रत्येक 20 परिवार को खाद्य सामग्री जैसे आटा, चावल, दाल, हल्दी, नमक, मसाला, गुड़, तेल, आलू, प्याज; दैनिक उपयोग की चीजें जैसे साबुन, चना, थाली, गिलास, चाकू, चटाई; वस्त्र जैसे साड़ी, लुंगी, गमछा; तथा बच्चों के लिए स्कूल किट में कॉपी, कलम, पेंसिल, कटर, रबर आदि वितरित किए गए। पीड़ित परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई, जो आग की भयावहता के बाद पहली बार नजर आई।
यह वितरण न सिर्फ भौतिक सहायता था, बल्कि दलित समाज के प्रति अबाजका की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी। संगठन का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, जहां गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं से जूझते परिवारों को तुरंत मदद मिली। कार्यक्रम में अबाजका के पदाधिकारी और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें अध्यक्ष महेंद्र कुमार, डॉ. रवि, जयप्रकाश, विजेंद्र भारती, विनोद, अशोक, सरोज, प्रभुनारायण, प्रमोद, कलाधर प्रसाद, संजीत भारती, शैलेंद्र सिंपल, वीरेंद्र राम, प्रदीप, एडवोकेट रामकृत, किशोर, सुनील, शिवकुमार, डॉ. चंद्रभानु, गुरुप्रसाद, शैलेश, आशिक, रविकांत, दरोगा, पप्पू राजा, विजय, रामअवतार, बाबूराम आदि शामिल थे।
0 टिप्पणियाँ