चंदौली, 8 मई 2026: जनपद चंदौली में पुलिस महकमे की छवि को साफ-सुथरा रखने के लिए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों में फंसे दो मुख्य आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। ये कार्रवाईें न केवल आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को मजबूत करने का संदेश भी देती हैं।
पहला मामला थाना बलुआ का है, जहां मुख्य आरक्षी अशोक कुमार राय पर पासपोर्ट पुलिस सत्यापन के नाम पर अवैध उगाही का गंभीर आरोप लगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उनसे हजारों रुपये की मांग की गई थी, जो प्रथम दृष्टया सिद्ध होने पर SP ने तुरंत निलंबन का आदेश जारी कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, जिसमें विस्तृत पूछताछ और साक्ष्य संग्रह किया जाएगा। यह घटना जिले के उन सैकड़ों नागरिकों के लिए चेतावनी है, जो पुलिस सत्यापन जैसी जरूरी प्रक्रियाओं में फंस जाते हैं।
दूसरा मामला थाना अलीनगर से जुड़ा है, जहां मुख्य आरक्षी रणजीत तिवारी पर शराब के नशे में थाने के अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार का आरोप है। मेडिकल परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि होते ही SP आकाश पटेल ने उन्हें भी फौरी निलंबन की तलवार लटका दी। थाने जैसी संवेदनशील जगह पर नशे में बदतमीजी असहनीय है, खासकर जब जनता सुरक्षा की उम्मीद लेकर आती है। जांच में यह भी पता चलेगा कि क्या यह पहली बार था या पहले भी ऐसी शिकायतें दबाई गईं।
पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया, "पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद की पुलिस की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। हम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।" यह बयान जिले की जनता के बीच पुलिस पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है, क्योंकि हाल के महीनों में कई ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हुई है।
ये निलंबन चंदौली पुलिस के लिए एक सबक हैं, जो बताते हैं कि ऊंचे पद पर बैठे अधिकारी भी जवाबदेह हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों से अपराधियों पर भी लगाम लगेगी, क्योंकि पुलिसकर्मी खुद अनुशासित होंगे। विभागीय जांच के नतीजे जल्द आने की उम्मीद है, जिससे दोषी सजा पा सकें।
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