Hot Posts

6/recent/ticker-posts

चंदौली एसपी के लिए बड़ी चुनौती: राजकुमार-रोहितास को न्याय कब?-पिंटू पाल

फाइलें धूल खा रही, मनबढ़ अपराधी  बेखौफ घूम रहे, कहीं सफेदपोशों का दबदबा तो नहीं, परिजनों ने तोड़ी उम्मीदें

चंदौली जिले में दो सनसनीखेज दोहरी हत्याओं का मामला पुलिस की नाकामी का प्रतीक बन चुका है, जहां पीड़ित परिवार न्याय के लिए आंसू बहा रहे हैं और अपराधी खुले आम घूम रहे हैं। 1 मई 2025 को धानापुर थाने के रायपुर गांव के राजकुमार यादव उर्फ मुट्टन यादव की धानापुर बस स्टैंड पर दिनदहाड़े गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि 18 नवंबर 2025 को रात 10 बजे मुगलसराय के दवा व्यवसाई रोहितास पाल उर्फ रोमी को सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। दोनों मामलों में नामजद आरोपी आज भी फरार हैं, परिजन दहशत में हैं। एफआईआर होने के बावजूद चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और नए एसपी आकाश पटेल के आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। 

घटना की भयावह रातें: खून से सना चंदौली
राजकुमार पर बाइक सवार बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ कई गोलियां झोंकी गईं, मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रोहितास का सिर चीरने वाली गोलियों ने इलाके में दहशत फैला दी। परिवारों ने तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जांच कागजों पर अटकी रही—किसान नेता पिंटू पाल का कहना है कि आरोपी स्थानीय ठेकेदारों, राजनेताओं और 'बाहुबली' गुंडों से जुड़े हैं, जिनके प्रभाव में पुलिस कदम ठिठक रही। एक परिजन ने गुप्त रूप से बताया, "धमकियां मिल रही हैं, लेकिन न्याय की कोई किरण नहीं।" जनता सवाल उठा रही है—क्या सफेदपोशों का हाथ है, जो हत्यारों को ढाल बनाए हुए हैं?

पुलिस का दोहरा चरित्र: छोटे अपराधों पर सख्ती, हत्याओं पर खामोशी
श्री पाल ने आरोप लगाया कि जिले में शराब माफिया और पशु तस्करों पर पुलिस का हंटर जमकर चल रहा—हालिया रेड में दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन संगीन हत्याओं पर चुप्पी साध ली गई। आंकड़े चौंकाने वाले रहे हैं। पिछले साल चंदौली में 15 दोहरी हत्याएं दर्ज, मात्र 40% में चार्जशीट। नए एसपी ने अपराध गोष्ठी में लंबित विवेचनाओं के निस्तारण के सख्त निर्देश दिए, लेकिन राजकुमार-रोहितास केस में प्रगति शून्य—क्या पुलिस चुनिंदा न्याय बांट रही है?

परिवारों की बेबसी: टूटी आसें और सोशल मीडिया पर हाहाकार
राजकुमार की पत्नी और रोहितास की मां आज भी न्याय की गुहार लगा रही हैं: "नया एसपी आए हैं, उम्मीद जगी थी, लेकिन फाइलें धूल फांक रही।" #JusticeForRajkumarRohitas हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा, CBI जांच की मांग तेज हो गई है।  रोहितास के परिजन सड़कों पर उतर आए, शहरवासियों ने भी समर्थन किया—आश्वासनों के बावजूद भी यह नगण्य स्थिति चंदौली की कानून व्यवस्था पर करारा प्रहार है।

जिला प्रशासन का आश्वासन: कार्रवाई कब तक?
नए एसपी आकाश पटेल पर नजरें टिकी हैं—अगर वे हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजेंगे, तो अपराधियों का हौसला टूटेगा, वरना कानून का मजाक बनेगा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है, लेकिन महीनों गुजर गए बिना कोई ब्रेकथ्रू। जनता इंतजार में है। क्या यह पहला इम्तिहान पास होगा, या फाइलें फिर धूल फेंकेगी?। श्री पाल अपने प्रतिनिधि मंडल संग एसपी से मिल लंबी वार्ता की, स्मृति चिन्ह भेंट कर तत्काल दोनों दोहरी हत्याओं का पर्दाफाश करने की मांग उठाई। जिसपर जल्द कार्रवाई का भरोसा मिला है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ