चन्दौली, 16 जून 2026: जनपद के किसानों को आधुनिक एवं सतत कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए 18 व 19 जून को कृषि विज्ञान केन्द्र, चन्दौली में दो दिवसीय 'प्राकृतिक खेती कार्यशाला' आयोजित की जाएगी। यह विशेष पहल भारत सरकार के 12 वर्ष सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में की जा रही है।
उप कृषि निदेशक भीमसेन ने सभी किसानों से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह करते हुए बताया कि कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ प्राकृतिक खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ और तकनीकें साझा करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्यावहारिक प्रशिक्षण होगा, जहाँ किसानों को (लाइव) डेमो के माध्यम से बिना अतिरिक्त खर्च के घर पर तैयार किए जा सकने वाले जैविक घटक बनाने की विधि दिखाई जाएगी। इनमें प्रमुख हैं: बीजामृत (बीज शोधन हेतु), जीवामृत (मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने हेतु) तथा घनजीवामृत।
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रगतिशील किसान अपने जमीनी अनुभव उपस्थित किसानों के साथ साझा करेंगे। साथ ही कार्यशाला परिसर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगेंगे, जहाँ 'समेकित जन कल्याण' एवं जन-जागरूकता से जुड़ी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की जाएगी।
उप कृषि निदेशक ने कहा, "जनपद के सभी किसान भाई 18 व 19 जून, 2026 को सुबह 10:00 बजे कृषि विज्ञान केन्द्र, चन्दौली में समय से पहुंचकर इस कार्यशाला का हिस्सा बनें। विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में कदम बढ़ाएँ।"
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