प्रशासन ने बताया कि यह कदम राज्य में जून माह के दौरान कई धार्मिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों तथा संभावित भीड़-भाड़ वाली गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निरस्त अवकाश के माध्यम से वे बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित कर सकेंगे और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई कर पाएंगे।
आदेश में साफ कहा गया है कि अत्यावश्यक और मानवीय कारणों के आधार पर ही छूट/विशेष अनुमति दी जाएगी, जिसे स्थानीय पुलिस अधीक्षक या नोडल अधिकारी की लिखित मंजूरी पर ही स्वीकृत माना जाएगा। साथ ही, निर्देश में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती, नाइट पेट्रोलिंग और संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी बरकरार रखने का भी निर्देश शामिल है।
राज्य के कई जिलों में पुलिस प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि वे सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और अन्य नागरिक संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाएंगे। पुलिस प्रवक्ता ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध/activity की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या कंट्रोल रूम पर दें।
विशेषकर भीड़-भाड़ वाले आयोजनों, जुलूसों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह अस्थायी इंतजाम शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने और नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
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