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चंदौली कानून-व्यवस्था की पोल खोल रहे दो पुराने हत्याकांड

DIG से मिले पिंटू पाल, न्याय की माँग तेज

चंदौली, 03 जून 2026: चंदौली जिले में दो पुराने हत्याकांड फिर से सुर्खियों में हैं और जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहे हैं। राजकुमार (55) और रोहितास (45) की निर्मम हत्याओं की फाइलें लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े रहने से परिवारों का भरोसा टूट चुका है। नए जिले के पुलिस प्रशासन के कंधों पर इन मामलों को सुलझाने की जिम्मेदारी अब भारी है, जबकि स्थानीय लोग और किसान नेता पिंटू पाल न्याय की मांग पर अड़े हैं।



मामला 2025 का है जब धानापुर थाना क्षेत्र में राजकुमार की निर्दयता से हत्या कर दी गई थी। 1 मई 2025 को धानापुर बस स्टैंड पर बाइक पर सवार तीन हमलावरों ने खुली जगह में राजकुमार यादव उर्फ़ मुटून यादव पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और उन्हें मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोग बताते हैं कि हमला पूर्वनियोजित था और तीनों हमलावरों ने बेदर्दी से सिर और सीने पर निशाना साधा। परिजन तत्कालीन एसपी से गुहार लगाने के बावजूद मामला औपचारिक जांच तक ही सिमट गया। चार्जशीट दाखिल हुई, पर मुख्य आरोपी अभी भी फरार है और सुरक्षा कमजोर दिखी है। स्थानीय लोग बताते हैं कि आरोपी आज गांवों में बेधड़क घूमते हैं और पुलिस गाड़ियां देखकर खुलेआम उपहास करते हैं।


दूसरी घटना 18 नवंबर 2025 की रात हुई, जब रोहितास पाल उर्फ़ रोमी अपनी दुकान “पॉपुलर मेडिकल” के बाहर स्कूटी स्टार्ट करने की तैयारी कर रहे थे। मुगलसराय कोतवाली के धर्मशाला मोड़, जीटी रोड पर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने नज़दीक से गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में पुलिस ने 9 विशेष टीमें गठित कर लगभग 300 सीसीटीवी फुटेज की जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए, पर मुख्य शूटर आज भी पकड़ में नहीं आया।परिजनों नें मुख्यमंत्री से भी मामले की जाँच और न्याय की मांग की पर इन दो मामलों पर पुलिस की कार्रवाई में देरी और खुलासे की कमी ने स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा दिया है।


पिछले एक साल के आँकड़ों से भी चिंता जाहिर होती है — जिले में हत्याओं में 20% जबकि लूटपाट में 30% तक वृद्धि दर्ज की गई है। परिजनों का आरोप है कि शक्तिशाली प्रभाव और सफेदपोश संरक्षण के कारण आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही। एक पूर्व अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि बिना किसी संरक्षण के आरोपियों का इतना बेखौफ होना असम्भव है।


किसान नेता पिंटू पाल ने DIG वाराणसी से मिलकर मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है और न्याय की अलख जगा दी है। DIG ने आश्वासन दिया है कि पुराने मामलों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल वही है: क्या यह केवल बयानबाजी है या वास्तविक कार्रवाई होगी? सोशल मीडिया पर #JusticeForRajkumarRohitas ट्रेंड कर रहा है और अगर नए एसपी ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो स्थानीय गुस्सा सड़कों तक आ सकता है।


पुलिस मुख्यालय की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच ही उन परिवारों के लिए सच्चा न्याय साबित होगी जो आज भी अपने अपनों की मौत के जवाब के लिए तड़प रहे हैं।

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