स्थानीय निवासी और समाजसेवी बताते हैं कि तहसील परिसर सहित प्रमुख सड़कों व सार्वजनिक स्थलों पर जगह‑जगह कूड़ा जमा होकर विशाल अंबार बन चुका है। कचरे के सड़ने से उठ रही दुर्गंध और गंदगी के कारण वकीलों के चैंबर, वकील भवन और मुख्य कार्यालयों के बाहर भी कचरा बिखरा पड़ा है। भीषण गर्मी एवं उमस में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
नागरिकों और समाजसेवियों का आरोप है कि समस्या के बारे में तहसीलदार, उपजिलाधिकारी (SDM) व खण्ड विकास अधिकारी (BDO) सकलडीहा को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, परन्तु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित अधिकारी मामले को ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं और वे जनता की परेशानी की ओर अनदेखी कर रहे हैं।
स्थानीय लोग और प्रभावित व्यापारियों ने अब अपनी अंतिम आस जिलाधिकारी से जोड़ दी है। वे जिलाधिकारी से मांग कर रहे हैं कि तहसील परिसर और कस्बे में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरे का निस्तारण कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाए। जनता में चर्चा है कि क्या जिलाधिकारी अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
तहसील कार्यालय के द्वारों पर मौजूद कुछ नागरिकों का कहना था कि यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन व मीडिया के जरिए अपनी मांगों को उठाने पर मजबूर होंगे। तहसील प्रशासन या जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है।
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