धानापुर, चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक स्थित खड़ान अमृत सरोवर पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और बाथरूम की सुविधा बनाने की मांग लंबे समय से लंबित है। पूर्व बीडीसी सदस्य प्रेम सिंह ने इस संबंध में ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) को कई पत्र दिए, लेकिन आश्वासनों के बावजूद कई महीनों बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय महिलाओं ने इसकी शिकायत की है, जो धार्मिक आयोजनों के दौरान असुविधा का सामना कर रही हैं।
अमृत सरोवर धानापुर ब्लॉक का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां छठ पूजा और जीवितपुत्रिका व्रत के दौरान सैकड़ों महिलाएं एकत्रित होती हैं। इन अवसरों पर स्नान करने के बाद महिलाओं को कपड़े बदलने और पूजा-अर्चना के लिए उपयुक्त स्थान की कमी महसूस होती है। प्रेम सिंह ने बताया कि उन्होंने बीडीओ को मौखिक और कई बार पत्राचार किया, जिसमें सरोवर पर चेंजिंग रूम और बाथरूम निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। "आश्वासन तो बहुत मिले, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। महिलाओं की गरिमा और स्वच्छता के लिए यह सुविधा जरूरी है,"
स्थानीय महिलाओं ने भी अपनी परेशानी साझा की। एक महिला भक्त रानी देवी ने कहा, "छठ और जीवितपुत्रिका के समय यहां भारी भीड़ लगती है। खुले में कपड़े बदलना असहज और असुरक्षित है। प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए।" इसी तरह, ग्रामीण प्रतिमा ने जोड़ा, "अमृत सरोवर जैसी योजना के तहत बने तालाब पर बेसिक सुविधाएं न होना शर्मनाक है।"
बीडीओ कार्यालय से जब इस मामले पर संपर्क के लिए फोन किया तो रिसीव नहीं किया गया।
जिला प्रशासन ने अमृत सरोवर जैसी योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर धार्मिक और सामाजिक महत्व प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया था, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी इसे अपूर्ण बना रही है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि शीघ्र चेंजिंग रूम और बाथरूम का निर्माण कार्य शुरू हो, ताकि आगामी धार्मिक पर्वों में कोई असुविधा न हो।
यह मामला स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, जहां योजनाओं के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतें अनदेखी हो रही हैं।
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