24 घंटे में तीन हत्याएं करने वाला शातिर अपराधी पुलिस मुठभेड़ में ढेर
चंदौली, 11 मई 2026: जनपद चंदौली में तीन निर्दोष लोगों की निर्मम हत्याओं से दहशत फैलाने वाला खूंखार अपराधी गुरप्रीत सिंह पुलिस की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में मारा गया। एसओजी, अलीनगर, सकलडीहा पुलिस और जीआरपी की त्वरित कार्रवाई ने 24 घंटे के अंदर इस राक्षस को करारा जवाब दिया। पूर्व सिपाही से निकाला गया यह शख्स शराब की लत और मानसिक भटकाव में रैंडम हत्याओं का सिलसिला चला रहा था—ट्रेनों और अस्पताल में बिना वजह गोलीबारी कर आम लोगों को निशाना बनाया।
खूनी सफर: ट्रेन से अस्पताल तक तीन हत्याएं
पहली वारदात (10 मई, सुबह): डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर के जमानिया निवासी मंगरू को सिर में गोली मार दी। मौके पर मौत।
दूसरी वारदात (11 मई, रात 2 बजे): जम्मूतवी एक्सप्रेस में डीडीयू स्टेशन से रवाना होते ही एक यात्री को सिर में गोली। तत्काल मौत।
तीसरी वारदात (11 मई, सुबह 7 बजे): अलीनगर थाना क्षेत्र के जीवक अस्पताल में भर्ती लछमिना को प्रथम तल पर गोली मार दी। सीसीटीवी में कैद—बिना उकसावे के फायरिंग। भागते आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, इस दौरान उसकी डीबीबीएल गन की नाल टूट गई।
पूछताछ में गुरप्रीत (अमृतसर, पंजाब निवासी) ने कबूल किया: 2021 में सेना से सिपाही पद से बर्खास्त। 29 अप्रैल को बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड बना, लेकिन शराब की लत से नौकरी गंवाई। 9 मई से ट्रेनों में घूम-घूम कर प्रयागराज-चंदौली पहुंचा और रिवाल्वर से हत्याएं कीं। कोई निजी दुश्मनी नहीं—शुद्ध रैंडम टारगेटिंग। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और लोकेशन हिस्ट्री से तीनों हत्याओं में उसकी संलिप्तता पक्की।
मुठभेड़ का रोमांचक मोड़: पुलिस पर फायरिंग, फिर अंत
अलीनगर पुलिस आरोपी को लेकर मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर सीन रीक्रिएट करने गई, फिर सकलडीहा थाना क्षेत्र में पहली हत्या स्थल। अचानक गुरप्रीत ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते भागा। अतिरिक्त फोर्स बुलाई—थानाध्यक्ष भूपेंद्र निषाद अपनी टीम संग पहुंचे। कॉम्बिंग में आरोपी ने फिर गोली चलाई। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग से सीने में गोली लगी। अस्पताल ले जाते ही मृत घोषित। मुठभेड़ में 2 पुलिसकर्मी घायल, उनका इलाज जारी।
बरामद हथियार और आपराधिक रिकॉर्ड
1 रिवाल्वर + जीवित कारतूस
3 खोखा कारतूस
टूटी DBBL गन (बैरल काटी हुई) + कारतूस
रिवाल्वर लाइसेंसी लग रही, DBBL का लाइसेंस मिला। FIR: मु0अ0सं0 291/2026 (अलीनगर), 92/2026 & 93/2026 (जीआरपी डीडीयू) धारा 103(1),109(1),351(3) बीएनएस।
टीमें: प्रभारी निरीक्षक अलीनगर, जीआरपी डीडीयू, स्वाट टीम, थानाध्यक्ष सकलडीहा।
पुलिस अधीक्षक चंदौली ने कहा, "जनता की सुरक्षा प्राथमिकता। ऐसी घटनाओं पर तत्काल लगाम।" यह कार्रवाई चंदौली पुलिस की तत्परता का जीता-जागता उदाहरण।
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