दुकानों पर 'बाल श्रम मुक्त' स्टिकर, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर बल 

चंदौली। जिलाधिकारी चंदौली के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार के लक्ष्य — वर्ष 2026 तक आकांक्षी जनपदों को बाल श्रम मुक्त करने — के क्रम में गुरुवार को सकलडीहा कस्बे में "बाल श्रम मुक्त चंदौली अभियान" के अंतर्गत व्यापारी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सकलडीहा व्यापार मंडल के सहयोग से Association for Voluntary Action (AVA) और श्रम विभाग, चंदौली की टीम ने संयुक्त रूप से किया।


कार्यक्रम में सकलडीहा व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्णा सेठ उपस्थित रहे जबकि कई स्थानीय व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों ने भी भाग लिया। आयोजनकर्ताओं ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में किसी भी प्रकार के बाल श्रम को न रखें और बाजार क्षेत्र में इस अभियान का सक्रिय समर्थन दें। कार्यक्रम के दौरान बाजार की विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों पर "बाल श्रम मुक्त प्रतिष्ठान" के जागरूकता स्टिकर चिपकाए गए, जिससे जनता में संदेश को व्यापक रूप से फैलाने का प्रयास किया गया।

संस्था प्रतिनिधियों ने बच्चों के अधिकार, बाल संरक्षण तथा बाल श्रम के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों को यह भी बताया गया कि किसी भी बाल श्रमिक, संकटग्रस्त या असहाय बच्चे की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, पुलिस विभाग, श्रम विभाग अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई को दी जा सकती है।

कार्यक्रम में शामिल व्यापारियों ने "बाल श्रम मुक्त चंदौली" के संकल्प का समर्थन किया और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा अभियान में सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई।

इस अवसर पर Association for Voluntary Action (AVA), चंदौली के डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड राइट्स एसोसिएट राकेश कुमार यादव के साथ प्यारे लाल, सुनील गुप्ता, संतोष सेठ, चंदा सोनी, दीपक सेठ, विनोद गुप्ता, हिमांशु वर्मा, राजेश मौर्या, राकेश, मदन यादव व गुड्डू गुप्ता तथा श्रम विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।