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नगीना से लखनऊ तक: चंद्रशेखर की 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' ने मचाया हलचल

403 सीटों पर चुनाव के दावे, विधायकी के लिए देना होगा इंटरव्यू 

लखनऊ, 13 जून 2026 — आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का लखनऊ आगमन सिर्फ दौरा नहीं, बल्कि बहुजन राजनीति में उठती नई लहर का संकेत माना जा रहा है। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण के दौरान बड़े पैमाने पर जुटी भीड़ और युवा समर्थकों का उत्साह साफ दिखा। कार्यक्रम के आसपास सड़कों पर भारी भीड़ के कारण ट्रैफिक जाम बन गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई।

केंद्र व राज्य सरकारों पर तीखा हमला
चंद्रशेखर ने भाषण में बेरोजगारी, महंगाई, पेपर-लीक और किसान-मज़दूर के मुद्दों पर केन्द्र व राज्य सरकारों की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पार्टी का 32 सूत्रीय एजेंडा पेश करते हुए कहा कि ASP(KR) केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सक्रिय नीतिगत विकल्प भी देगी। उनका मुख्य संदेश था कि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की बहाली और सरकारी कल्याण की पारदर्शिता प्राथमिकता है।

नगीना मॉडल और संगठनिक मजबूती
सांसद ने 'नगीना मॉडल' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें जाति-धर्म के नाम पर अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा और गरीबों की सुनवाई सुनिश्चित होगी। नगीना में हालिया जीत और डुमरियागंज में मिली बड़ी मत-राशि का हवाला देते हुए उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक स्वास्थ्य का दावा किया। यह संकेत देता है कि पार्टी कुछ क्षेत्रों में जमीन बनाती दिख रही है।

2027 की रणनीति और EVM सवाल
चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है। उन्होंने ‘BJP के अलावा किसी भी दल से’ गठबंधन खुला रखने का संकेत दिया, लेकिन अंतिम निर्णय यात्रा के बाद लिया जाएगा। साथ ही आरोप लगाया कि EVM पारदर्शिता पर सवाल उठाकर वे चुनावी प्रक्रिया को भी मुद्दा बनाएंगे।

जनसमर्थन का मतलब और चुनौती
लखनऊ में जनसमर्थन जुटाने की क्षमता दिखी, खासकर दलित, युवा और छात्र वर्ग में। यूपी में दलित आबादी लगभग 21% होने के कारण यह वोट-बैंक प्रतिस्पर्धी बना हुआ है; BSP की कमजोरी अवसर दे सकती है। लेकिन प्रशासनिक रुकावटें, यात्रा पर प्रतिबंध और विरोधी कार्रवाइयां इस अभियान की राह में बाधा भी हैं। पार्टी के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह यात्रा की गर्मजोशी को स्थायी चुनावी सफलताओं में बदल पाती है।

विधायकी के दावेदारों को देना होगा इंटरव्यू, शुरू
ASPA ने 2027 के लिए विधायकी टिकट के दावेदारों के इंटरव्यू लखनऊ में 13 जून से शुरू कर दिए हैं; 13-16 जून तक मंडलवार शेड्यूल जारी है। 13 जून: सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद; 14 जून: बरेली, आगरा, कानपुर, झांसी; 15 जून: लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती; 16 जून: वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवारों का इंटरव्यू पास करना अनिवार्य होगा और जमीनी पकड़ व संगठन रिपोर्ट चयन में निर्णायक मानी जाएगी।

राजनीतिक निहितार्थ
अगर ASP(KR) यात्रा को हर जिले में स्थायी जन-समर्थन में बदल पाती है तो यूपी के बहुजन समीकरण में बदलाव आ सकता है। 2027 में चुनौती सिर्फ प्रत्याशी उतारना नहीं, बल्कि बिना बड़े गठबंधन के संगठित मोर्चा बना कर वोट काटना होगा। रोजगार, पेंशन, किसान MSP और EVM पारदर्शिता जैसे मुद्दे चुनावी विमर्श की धुरी बनेंगे।

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