सकलडीहा (चंदौली) — सोमवार को सकलडीहा तहसील परिसर में तहसील कार्यालय के माल बाबू पर लगे कथित हमले के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि तहसील में कार्यरत माल बाबू साकिब अंसारी ने अधिवक्ता उपेंद्र नारायण सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिसमें अधिवक्ता के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के बयान के अनुसार, उपेंद्र नारायण सिंह अड़तीस टू से संबंधित फाइल को लेकर साकिब अंसारी से बात करने गए थे। दोनों के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और कथित रुप से साकिब ने पहले अधिवक्ता को पेट पर मारा जिससे वे जमीन पर गिर गए। इसके बाद साकिब ने चाकू निकालकर उपेंद्र नारायण सिंह पर कई बार हमला किया। चाकू के वार से उनकी शर्ट खून से लाल हो गई और चेहरे पर खरोचें व गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही अन्य अधिवक्ताओं में भारी रोष फैल गया और वे तहसील परिसर में आक्रोशित होकर प्रदर्शन करने लगे। अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान आरोपित माल बाबू कथित तौर पर SDM के कक्ष में छिप गया। SDM कुंदन राज कपूर ने हस्तक्षेप कर अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने साकिब अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उसे निलंबित करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने घायल उपेंद्र नारायण सिंह को मेडिकल जांच के लिए भेजा। थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के समय डेमोक्रेटिक बार के अध्यक्ष जनार्दन मिश्रा, अजय कुमार सिंह, भूपेंद्र नारायण सिंह, मनोज कुमार पांडे, संजय सिंह, रामराज यादव, दुर्गेश सिंह, अतुल तिवारी, विजय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे और उन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने तहसील परिसर के आसपास अतिरिक्त पोस्ट तैनात कर दिया है और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है ताकि शांति बनाए रखी जा सके। जांच अधिकारीयों ने कहा कि CCTV फुटेज, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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