सटीक संवाद। मुगलसराय, चंदौली- पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में लोक निर्माण विभाग की एक महत्वपूर्ण परियोजना से संबंधित स्टोर की बड़ी मात्रा में सामग्री गायब पाए जाने के बाद नीलांबरी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने कंपनी के दो कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी का अनुमान है कि गायब हुई सामग्री की कीमत लगभग 55 से 70 लाख रुपये के बीच है।
कंपनी को APCO के जरिए मुगलसराय क्षेत्र में प्रकाश मार्ग पर त्रिशूल मुंड से सुसज्जित विद्युत पोल और स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य दिया गया था। यह परियोजना मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन योग्य बताई जा रही थी। व्यवस्था के तहत सामग्री को पड़ाव-पीडीडीयू नगर मार्ग पर जलीलपुर के माड़िया डांडी गांव के पास बनाए गए स्टोर में रखा गया था।
नीलांबरी के अधिकृत प्रतिनिधि उज्जवल चन्द्रमणी द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर पर मुगलसराय थाने में FIR संख्या 287/2026 के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है। तहरीर में आरोप है कि स्टोर की देखरेख की जिम्मेदारी प्रतापगढ़ निवासी चंद्रभान वर्मा और लखनऊ निवासी अनुभव शुक्ला को सौंपी गई थी।
करीब दो महीने पहले स्टोर से बड़ी मात्रा में सामग्री अनुपस्थित पाई गई और आंतरिक जांच में 55 से 70 लाख रुपये से अधिक के सामान के गायब होने की पुष्टि हुई। कंपनी का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से गबन किया।
कंपनी ने इस विषय में पहले जलीलपुर चौकी, मुगलसराय कोतवाली और IGRS पोर्टल पर भी शिकायत की थी, परन्तु कंपनी का कहना है कि प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। नीलांबरी इंफ्रा ने बताया कि सामग्री की कमी के कारण PWD की यह महत्वपूर्ण परियोजना ठप पड़ी है, जिससे शासन और विभाग की प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
मुगलसराय पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 316(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है। जांच उपनिरीक्षक अजय कुमार कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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