पुस्तक के संपादन कार्य का जिम्मा समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. दयाशंकर सिंह यादव और हिंदी विभाग के डॉ. अखिलेश कुमार सिंह यादव, सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय देवघर ने संयुक्त रूप से संभाला। लोकार्पण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय द्वारा किया गया।
प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने दोनों संपादकों को पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन तीव्र गति से हो रहे हैं। ऐसे में समसामयिक विषयों पर आधारित यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों तथा समाजशास्त्र एवं हिंदी साहित्य के अध्येताओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के शिक्षक शोध, लेखन और अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से ज्ञान-रचना में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जो संस्थान के लिए गौरव का विषय है।
पुस्तक के संपादक प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने बताया कि "आधुनिक सदी के सामाजिक सरोकार" में बदलते सामाजिक परिवेश, शिक्षा, संस्कृति, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी विकास, वैश्वीकरण, युवा शक्ति, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा समकालीन सामाजिक चुनौतियों जैसे विषयों पर विद्वानों के शोध-आधारित एवं चिंतनपरक लेखों का समावेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कृति वर्तमान समाज की जटिलताओं को समझने और उनके समाधान पर गंभीर विमर्श प्रस्तुत करती है।
डॉ. अखिलेश कुमार सिंह यादव ने कार्यक्रम में पुस्तक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि पुस्तक आधुनिक समय की सामाजिक चुनौतियों एवं बदलते मानवीय मूल्यों पर व्यापक शैक्षणिक चर्चा को बढ़ावा देगी। यह उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी उपयोगी संसाधन होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने पुस्तक के प्रकाशन को महाविद्यालय की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि बताया और आशा व्यक्त की कि यह कृति अकादमिक जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगी तथा समाज और शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक विमर्श को नई दिशा देगी।
अंत में प्राचार्य ने संपादकों को पुनः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक तथा शोधपूर्ण भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रो. दयानिधि सिंह यादव, डॉ. राजेश यादव, डॉ. अजय यादव, डॉ. जितेंद्र यादव तथा अन्य शिक्षकीय सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने संपादकों को बधाई दी।
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