चंदौली, 04 जुलाई 2026 —
पुलिस अधीक्षक चंदौली श्री आकाश पटेल ने शनिवार को जिले के समस्त मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों को तेज करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में मिशन शक्ति केन्द्रों पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की जांच, पीड़िताओं को अंतिम पंक्ति तक सहायता प्रदान करने और बाह्य संस्थाओं के साथ समन्वय सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मिशन शक्ति केन्द्र केवल शिकायत दर्ज करने या समझौता करने तक सीमित न रहें। उन्होंने प्रबंधकीय और नैतिक दायित्व बताते हुए कहा कि हर प्रकरण में पीड़िता को एंड-टू-एंड सहायता — विधिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक तथा आर्थिक — सुनिश्चित कराना केंद्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
श्री पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रकरण में एफआईआर दर्ज होना या समझौता होना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है; महत्वपूर्ण यह है कि पीड़िता को प्रभावी न्याय और आवश्यक सेवाएँ मिलें।
बैठक में SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुपालन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मिशन शक्ति केन्द्र पर प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेकर तत्काल मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच की जाए और निर्धारित प्रारूप के अनुसार बिंदुवार विस्तृत जांच आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत की जाए। जांच आख्या तथ्यपरक, साक्ष्य-आधारित और उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए; बिना पर्याप्त जांच के सामान्य अथवा औपचारिक आख्या प्रस्तुत न की जाए।
समन्वय और नेटवर्किंग पर भी जोर दिया गया। सभी प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति, जिला प्रोबेशन अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य संबंधित विभागों के संपर्क सूत्र अद्यतन रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पीड़िताओं को निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श, आश्रय, पुनर्वास और आर्थिक सहायता सहजता से उपलब्ध कराई जा सके।
ग्रामीण स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए मिशन शक्ति केन्द्रों द्वारा महिला चौपालों का नियमित आयोजन करने का भी निर्देश दिया गया। अधिकारियों को कहा गया कि वे महिलाओं और बालिकाओं से संवाद स्थापित करें, उनकी समस्याओं व आवश्यकताओं को समझें और उनका त्वरित व प्रभावी निवारण सुनिश्चित कराएँ। साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया, ताकि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य—महिलाओं में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित करना—साकार हो और प्रत्येक पीड़िता को समयबद्ध न्याय, आवश्यक सहायता तथा सम्मानजनक सहयोग मिल सके।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चंद्रशेखर, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन सतीश चन्द्र शुक्ला, महिला सहायता प्रकोष्ठ के प्रभारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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