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विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में चंदौली के किसानों की बड़ी पदयात्रा, कहा — "जान देंगे पर जमीन नहीं"

चंदौली, 2 जुलाई 2026 — बरहनी ब्लॉक के कई ग्रामों से आए सैकड़ों किसानों ने गुरुवार को विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में बड़ी पदयात्रा निकाली। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक सुमंत सिंह "अन्ना", अशोक सिंह और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में निकाली गई इस पदयात्रा में किसान हाथों में बैनर और दफ्तियाँ लेकर चल रहे थे तथा "विंध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे" और "किसान एकता जिंदाबाद" जैसे नारे लगा रहे थे।

किसानों का आरोप है कि परियोजना के सर्वे और चिन्हांकन से उनकी उपजाऊ भूमि प्रभावित होगी और कई परिवारों के भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो जाएगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल किसान महाविद्वतों का कहना था कि बिना वैकल्पिक समुचित योजना के यह एक्सप्रेस-वे कर्मनाशा नदी के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा सकता है और कई गांवों के जलमग्न होने की आशंका है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि विंध्य एक्सप्रेस-वे की योजना को वापस लिया जाए और इसके स्थान पर मौजूदा सैयदराजा–जमानिया मार्ग का सिक्स-लेनकरण कर गाजीपुर से जोड़ा जाए। उनका तर्क है कि मौजूदा मार्ग का सुदृढ़ीकरण करके ही यातायात की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है और इस प्रकार किसानों की जमीन बचायी जा सकेगी।

पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी होते हुए लक्ष्मणपुर तक चली। इसमें सुमन सिंह "अन्ना", अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह समेत कई स्थानीय किसान नेतागण प्रमुख रहे।

स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की तरफ से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। किसानों ने कहा है कि उनकी मांगें न माने जाने पर वे निर्णायक और व्यापक आंदोलन की रणनीति पर विचार करेंगे।

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