चन्दौली — "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन के परिणामस्वरूप जिले की विभिन्न अदालतों ने तीन लंबित मुकदमों में अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर, उन्हें सजा सुनाई है। जिला मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की सक्रिय भूमिका को अधिकारीयों ने सराहा है।
पहला मामला — थाना चन्दौली (मु0अ0सं0-77/2015)
थाना चन्दौली में दर्ज 77/2015 अंकों के मुकदमे में धारा 279, 337, 304ए व 427 भादवि के आरोपित अजय बैसरा (पति कैल्लू बैसरा, निवासी भलगुआ, थाना सोनो, जमुई) को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चन्दौली ने दोषी ठहराया। अदालत ने अभियुक्त को जेल में बितायी गयी अवधि के बराबर कारावास तथा 6,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई; अर्थदण्ड न अदा करने पर अतिरिक्त 5 दिनों का कारावास लागू होगा। अभियोजन में मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय और थाना चन्दौली पुलिस की पैरवी निर्णायक मानी गई।
दूसरा मामला — थाना मुगलसराय (मु0अ0सं0-22/2005)
थाना मुगलसराय में 22/2005 अंकों के मुकदमे में धारा 279, 337, 304ए व 427 भादवि के आरोपित समर बहादुर (पुत्र दुल्ली, निवासी अहन, थाना केराकत, जौनपुर) को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चन्दौली ने दोषी ठहराया। अदालत ने अभियुक्त को न्यायालय में सुनवाई तक की अवधि के बराबर कारावास तथा 5,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई; अर्थदण्ड न अदा करने पर अतिरिक्त 5 दिन का कारावास होगा। इस मुकदमे में भी मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय तथा थाना मुगलसराय पुलिस की भूमिका उल्लेखनीय रही।
तीसरा मामला — थाना बबुरी (मु0अ0सं0-20/1994)
थाना बबुरी में दर्ज 20/1994 अंकों के मुकदमे (धारा 380, 411 भादवि) के आरोपित रघुनाथ (पुत्र सूरत हरिजन, निवासी परनपुरा, थाना बबुरी) को अपर सिविल जज (जुडिशियल)/जेएम, चकिया, चन्दौली ने दोषी ठहराया। अभियुक्त को जेल में बितायी गयी अवधि के अनुरूप कारावास तथा 1,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा दी गयी; अर्थदण्ड न अदा करने पर अतिरिक्त 3 दिनों का कारावास लागू होगा। अभियोजन की ओर से श्री विपिन कुमार व थाना बबुरी पुलिस की प्रभावी पैरवी की प्रशंसा की गयी।
जिला मॉनिटरिंग सेल ने बताया कि "ऑपरेशन कन्विक्शन" के अंतर्गत लंबित और पुरानी फाइलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और कोर्ट में प्रभावी प्रस्तुति से दोषसिद्धि सुनिश्चित हुई है। जिलाधिकारी/अधिकारियों ने अभियोजन टीमों व संबंधित थाना स्टाफ की कार्रवाई की सराहना की है।
न्यायिक आदेशों के अनुसार अभियुक्तों को निर्धारित अर्थदण्ड अदा करने का निर्देश दिया गया है; अर्थदण्ड न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास लागू होगा। संबंधित थाने और अभियोजन अधिकारी आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए सतत समन्वय कर रहे हैं।
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