मुख्य अतिथि रमेश प्रजापति ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में प्रजापति समाज के लोगों को सम्मान और राजनीतिक भागीदारी देने का काम किया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में प्रजापति समाज के बेटे को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था, जिसे उन्होंने समाज के सम्मान से जोड़कर बताया। उन्होंने प्रजापति समाज के लोगों से राजनीतिक रूप से जागरूक और एकजुट रहने की अपील की।
रमेश प्रजापति ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को जाति और अलग-अलग खेमों में बांटने की कोशिशों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय विभिन्न प्रकार के वादे और दावे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद समाज के सामने अलग परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं। उन्होंने प्रजापति समाज से सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए एकजुट होकर निर्णय लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सपा सांसद डॉ. वीरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार सामंतवादी विचारधारा के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। पीडीए की अवधारणा को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि समाज के पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों की भागीदारी मजबूत किए जाने की जरूरत है।
विधायक प्रभुनारायण यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कुम्हार समाज के लोगों को गांवों में मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए जमीन और मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती थी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने के लिए उन्हें संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने पीडीए को सभी जाति और धर्म के लोगों को साथ लेकर चलने वाला राजनीतिक मंच बताते हुए सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया।
पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने सैदराजा विधानसभा क्षेत्र में सपा के कार्यकर्ताओं के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी में जाति-पाति के आधार पर भेदभाव की स्थिति उन्होंने नहीं देखी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आने वाले समय में एकजुट होकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में काम करने की अपील की।
पूर्व विधायक ने कहा कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर सपा की नीतियां स्पष्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने पर जातिगत आंकड़ों के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने और अलग-अलग समाजों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार और सरकारी नौकरियों का मुद्दा भी उठाया।
मनोज कुमार सिंह डब्लू ने सैदराजा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक पर भी राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने कहा कि विधायक का पद और उसकी जिम्मेदारियां काफी व्यापक होती हैं। विधायक मुख्यमंत्री का चुनाव करने वाली विधानसभा का सदस्य होता है और उससे क्षेत्र में बड़े विकास कार्यों की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि कॉलेज, अस्पताल, शिक्षा, बिजली, सड़क और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे विधायक की प्राथमिकता में होने चाहिए।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में छोटे-छोटे कार्यों पर भी विधायक के बोर्ड लगाने की होड़ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत या अन्य योजनाओं से कराए गए कार्यों पर यदि अलग-अलग स्तर के जनप्रतिनिधियों के बोर्ड लगाए जाएं तो इससे विकास कार्यों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नाली, पोखरी या अन्य छोटे कार्यों पर विधायक का बोर्ड लगाया जाएगा तो ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की पहचान कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता विकास कार्यों के वास्तविक स्रोत और उनकी स्वीकृति की प्रक्रिया को समझती है। उनके अनुसार केवल बोर्ड लगाने से जनता को लंबे समय तक प्रभावित नहीं किया जा सकता। हालांकि यह पूर्व विधायक का राजनीतिक आरोप है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पद्मश्री डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के जीवन और उनके संघर्षों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन केवल राजनीतिक भागीदारी से नहीं, बल्कि शिक्षा, संगठन और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता से भी संभव है। उन्होंने समाज के युवाओं से महापुरुषों के जीवन और संघर्षों को समझकर आगे बढ़ने की अपील की।
गायक एवं कार्यक्रम के आयोजक शोभनाथ प्रजापति ने लोकगीत और मिशन गीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों में सामाजिक एकता, जागरूकता और अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। गीतों के माध्यम से उन्होंने लोगों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने तथा अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गीतों के माध्यम से दिए गए संदेश की सराहना की।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. रत्नप्पा कुम्हार के योगदान को याद करने के साथ समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना को मजबूत करना था। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की जयंती केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों को समाज के बीच पहुंचाने और उन्हें व्यवहार में उतारने का प्रयास होना चाहिए।
कार्यक्रम में सपा जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, विधायक प्रभुनारायण यादव, पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू, विधानसभा अध्यक्ष रामजन्म यादव, पूर्व प्रमुख सकलडीहा संजीव सिंह, अरुण प्रजापति, कुसुम देवी, लक्ष्मण प्रसाद, हृदय प्रजापति, महेश प्रजापति, राजू प्रजापति, संदीप प्रजापति, सीताराम प्रजापति, अवधेश प्रजापति, शंभू प्रजापति, हृदय नारायण प्रजापति, चंद्रभान, द्वारिका प्रसाद, लालमनी पाल, प्रमोद प्रजापति, मेवालाल प्रजापति और बजरंगी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी, रोजगार, शिक्षा और पारंपरिक कारीगरों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पीडीए जनपंचायत के माध्यम से आयोजकों ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में एकजुट होकर अपनी भूमिका तय करने का संदेश दिया।#सटीकसंवाद #धानापुर #चंदौली #पीडीए #डॉरत्नप्पाकुम्हार #समाजवादीपार्टी #सामाजिकन्याय #प्रजापतिसमाज #चंदौलीन्यूज