लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयुष इंटर्न डॉक्टर वर्तमान में मिल रहे 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे पर सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए।

चंद्रशेखर आजाद ने अपने पोस्ट में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित करते हुए आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मांग का समर्थन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों के वार्ड, ओपीडी और अन्य सेवाओं में मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाले इंटर्न डॉक्टरों को उनके श्रम और जिम्मेदारी के अनुरूप स्टाइपेंड क्यों नहीं दिया जा रहा है।

आयुष इंटर्न डॉक्टरों की ओर से लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़े इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई है। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी प्रमुख मांग मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करना है।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें ओपीडी और वार्ड में मरीजों की देखभाल के साथ विभिन्न क्लीनिकल गतिविधियों में जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। कई स्थानों पर इंटर्न डॉक्टरों ने दिन-रात ड्यूटी और मरीजों की सेवा करने की बात कही है। उनका तर्क है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और बढ़ती महंगाई के अनुपात में पर्याप्त नहीं है।

रिपोर्टों के मुताबिक, आयुष इंटर्न डॉक्टरों का मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड वर्ष 2011 में निर्धारित किया गया था। इसके बाद इसमें लंबे समय तक संशोधन नहीं होने की बात इंटर्न डॉक्टरों ने कही है। इसी आधार पर वे स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

सितंबर में लखनऊ में आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास हुए प्रदर्शन में विभिन्न सरकारी आयुष संस्थानों से जुड़े इंटर्न डॉक्टर शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांग पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की थी।

इससे पहले कुछ आयुष इंटर्न डॉक्टर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर भी अपनी मांग को लेकर पहुंचे थे। उस दौरान भी इंटर्न डॉक्टरों ने 7,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड किए जाने की मांग रखी थी।

चंद्रशेखर आजाद ने अपने पोस्ट में कहा कि @UPGovt को आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर तत्काल हस्तक्षेप करते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सभी आयुष इंटर्न डॉक्टरों के लिए उनके श्रम और जिम्मेदारी के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड सुनिश्चित किए जाने की मांग की।

आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मांग अब केवल स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने तक सीमित नहीं दिख रही है, बल्कि वे अन्य चिकित्सा पद्धतियों के इंटर्न डॉक्टरों के साथ स्टाइपेंड में समानता का मुद्दा भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और क्लीनिकल कार्यों में जिम्मेदारी निभाई जाती है तो स्टाइपेंड को भी जिम्मेदारी और कार्यभार के अनुरूप निर्धारित किया जाना चाहिए।

फिलहाल आयुष इंटर्न डॉक्टरों की ओर से 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। सरकार की ओर से इस मांग पर अंतिम निर्णय और उसकी समयसीमा को लेकर आधिकारिक घोषणा की पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध स्रोतों से नहीं होती है। ऐसे में आगे की कार्रवाई सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।

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