मुगलसराय, चंदौली। मुगलसराय थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। स्वाट, सर्विलांस और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को इंडियन इंस्टीट्यूट नाच घर के पास कार्रवाई करते हुए चोरी के मामलों में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी दिन में बंद और सूने मकानों की रेकी करते थे और रात में ताला तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से 3.50 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, दो लैपटॉप, एलईडी टीवी, गैस सिलेंडर और चोरी में प्रयुक्त वेन्यू कार व ऑटो रिक्शा बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक मुगलसराय क्षेत्र में अगस्त माह के दौरान लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद इन मामलों के अनावरण के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया था। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चन्द्रशेखर और क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में स्वाट, सर्विलांस और थाना मुगलसराय पुलिस की टीम लगातार संदिग्धों और घटनाओं से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रही थी।

इसी क्रम में 16 सितंबर को पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि इंडियन इंस्टीट्यूट नाच घर के पास सफेद रंग की वेन्यू कार और ऑटो रिक्शा के पास कुछ संदिग्ध लोग चोरी के माल के बंटवारे के संबंध में बातचीत कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना मुगलसराय पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार घेराबंदी कर मौके से आठ लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी का अन्य सामान और घटना में प्रयुक्त वाहनों को भी बरामद करने की बात कही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रशान्त सोनी उर्फ बाबू सेठ निवासी सर्कस रोड मुगलसराय, विशाल भारती निवासी हनुमानपुर शाहकुटी मुगलसराय, रहमान उर्फ आंखी निवासी काशीराम आवास चतुर्भुजपुर मुगलसराय, राजेश सिंह निवासी जायसवाल स्कूल के पास मुगलसराय, अनिल गुप्ता निवासी काली महाल सहजौर रोड मुगलसराय, दीपक जायसवाल उर्फ रवीन्द्र कुमार जायसवाल निवासी महेवा थाना अलीनगर, तुषार वर्मा निवासी कसाब महाल मुगलसराय और लकी जायसवाल निवासी गल्ला मंडी सुपर मार्केट मुगलसराय के रूप में हुई है।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने बंद मकानों की पहले रेकी करने और फिर रात में ताला तोड़कर चोरी करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक चोरी के बाद प्राप्त नकदी और सामान को आरोपियों के बीच बांट लिया जाता था। पूछताछ के आधार पर मुगलसराय, चंदौली और बलुआ थाना क्षेत्रों में हुई कई चोरी की घटनाओं में आरोपियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। आरोपियों के बताए तथ्यों और बरामदगी को संबंधित मुकदमों से जोड़कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

जिन घटनाओं के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है, उनमें 25 अगस्त को सिद्धार्थपुरम कॉलोनी में हुई चोरी प्रमुख है। पुलिस के अनुसार बाबूलाल प्रसाद यादव अपने पिता की तेरहवीं में परिवार के साथ गांव गए थे। रात करीब 11:45 बजे जब वह वापस लौटे तो घर के अंदर के ताले टूटे मिले और सामान बिखरा हुआ था। शिकायत के अनुसार घर से करीब पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, एलईडी टीवी, कपड़े और 80 हजार रुपये नकद चोरी हुए थे। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

26 अगस्त को आरपीएफ कॉलोनी स्थित रेलवे क्वार्टर में भी चोरी की घटना सामने आई थी। पुलिस के अनुसार विशेष आसूचना शाखा रेलवे सुरक्षा बल, डीडीयू के निरीक्षक प्रभारी संदीप कुमार के क्वार्टर संख्या 1610 में पीछे की खिड़की तोड़कर प्रवेश किया गया था। शिकायत के अनुसार घर से सोने की चेन, दो अंगूठियां, बड़ा गैस सिलेंडर, 24 इंच का टीवी और 3,500 रुपये नकद चोरी किए गए थे।

इसी तरह एक अगस्त को इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी के क्वार्टर संख्या 379 ईएफ में चोरी हुई थी। शिकायत के मुताबिक घर से सोने के झुमके, टॉप्स, चेन, दो पायल, दो अंगूठियां, नथुनी और एक लाख रुपये नकद चोरी हुए थे। 31 अगस्त को न्यू सेंट्रल कॉलोनी स्थित मकान में हुई चोरी में आठ हजार रुपये नकद और करीब 50 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई थी।

20/21 अगस्त की रात ओल्ड सेंट्रल कॉलोनी स्थित रेलवे कर्मचारी के क्वार्टर संख्या 506/एबी में भी चोरी की घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार उस समय कर्मचारी घर पर मौजूद नहीं थे। शिकायत में एक लैपटॉप, सोने की अंगूठी और 7,500 रुपये नकद चोरी होने की बात कही गई थी। इन सभी मामलों में पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे।

पुलिस के मुताबिक बरामद 3.50 लाख रुपये आठों आरोपियों के पास से अलग-अलग मिले। प्रशान्त सोनी से 50 हजार रुपये और एक ओप्पो मोबाइल फोन, विशाल भारती से 50 हजार रुपये और तीन मोबाइल फोन, रहमान उर्फ आंखी से 30 हजार रुपये, एक जोड़ी सफेद धातु की पायल और ओप्पो मोबाइल फोन बरामद हुआ। राजेश सिंह के पास से 30 हजार रुपये और ओप्पो मोबाइल फोन तथा अनिल गुप्ता से 30 हजार रुपये और पोको मोबाइल फोन बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

इसी तरह दीपक जायसवाल उर्फ रवीन्द्र से 30 हजार रुपये और वीवो मोबाइल फोन, तुषार वर्मा से एक लाख रुपये और दो मोबाइल फोन तथा लकी जायसवाल से 30 हजार रुपये और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस तरह पुलिस ने कुल 3,50,000 रुपये की नकदी बरामद होने की बात कही है।

नकदी के अलावा पुलिस ने दो डेल कंपनी के लैपटॉप, एक सोनी एलईडी टीवी, एक इंडेन गैस सिलेंडर, सफेद धातु की दो जोड़ी पायल, तीन मीना, पीली धातु की एक अंगूठी और एक कान की बाली बरामद की है। इसके साथ ही वेन्यू कार संख्या UP67AB8628 और ऑटो रिक्शा संख्या UP65JT0599 भी पुलिस के कब्जे में मिला है। पुलिस के अनुसार वेन्यू कार चोरी के रुपयों से खरीदी गई थी। बरामद वाहनों और सामान को संबंधित मामलों की जांच में शामिल किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की बात करें तो पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रशान्त सोनी के खिलाफ मुगलसराय, चंदौली और बलुआ थानों में चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ वर्ष 2025 और 2026 के कई चोरी के मामलों का उल्लेख किया है। विशाल भारती के खिलाफ भी पूर्व में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं, जिनमें वर्ष 2022 का हत्या से संबंधित मामला और अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। उसके खिलाफ मुगलसराय, चंदौली और बलुआ में चोरी के कई मामले भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताए गए हैं।

रहमान उर्फ आंखी के खिलाफ भी पुलिस ने पूर्व के कई मुकदमों का उल्लेख किया है। इनमें वर्ष 2023 और 2024 के चोरी से संबंधित मामले शामिल हैं। तुषार वर्मा के खिलाफ अलीनगर थाने में चोरी से संबंधित मुकदमा दर्ज होने के साथ ही मुगलसराय, चंदौली और बलुआ थानों के कई मामलों का उल्लेख किया गया है। अनिल गुप्ता और लकी जायसवाल के खिलाफ भी पुराने मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ एक दर्जन या उससे अधिक मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि किसी मामले में दोष सिद्ध होना न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। पुलिस द्वारा जारी आपराधिक इतिहास को दर्ज मामलों के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि दोषसिद्धि के रूप में।

बरामदगी के बाद पुलिस ने संबंधित मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन स्थानों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया और बरामद सामान किस-किस मामले से संबंधित है। साथ ही चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

कार्रवाई करने वाली टीम में मुगलसराय थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपनिरीक्षक शिवपूजन बिन्द, सतीश प्रकाश, विजय राज, सुभाष प्रसाद, त्रिवेणी प्रसाद सहित थाना पुलिस के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। स्वाट व सर्विलांस टीम में निरीक्षक राम जन्म यादव, उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा तथा हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

पुलिस की इस कार्रवाई से मुगलसराय क्षेत्र में हाल में हुई कई चोरी की घटनाओं की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस बरामद सामान को संबंधित मामलों से जोड़ने और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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