रिपोर्ट ! संजय कुमार दिनकर
सकलडीहा (चन्दौली) निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निर्देशन पर बुधवार को डायट प्राचार्य डॉ० माया सिंह की अध्यक्षता में तीन दिवस उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की विज्ञान किट का प्रशिक्षण पहले दिन शुरू हुआ। इस दौरान कृत्रिम रेशा, परमाणु संरचना, धातु एवं खनिज, कोशिका, जंतुओं में जनन, बल एवं दाब, प्रकाश, फसल उत्पादन, कार्बन एवं उसके यौगिक, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत पर आधारित विभिन्न सत्र का आयोजन किया गया। विज्ञान किट प्रशिक्षण के उपरांत आकलन प्रपत्र भी प्रशिक्षणार्थियों द्वारा भरा गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ० माया सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य विज्ञान शिक्षण के दौरान विभिन्न सामग्री का उपयोग करते शिक्षण को रुचिकर एवं अन्वेषण परक बनाना है। विज्ञान में नवाचार एवं अनुप्रयोगों पर अधिक ध्यान दिया ध्यान दिया जाता है ।
अतः बच्चों में रचनात्मकता, सृजनात्मक हेतु पर्याप्त अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति 2020 में भी बच्चों की तार्किक एवं सृजनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। शिक्षकों को अपने शिक्षण कार्य विज्ञान किट के साथ ही टीएलएम, नित नवीन विधाओं एवं तकनीकियों से लैस करने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण के सत्र के दौरान संदर्भदाता अजय गौतम, मनोज गुप्ता, इरफान अली, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, प्रदीप यादव,पल्लवी सिंह ने प्रशिक्षण दिया। सत्र के अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस मौके पर प्रशिक्षण प्रभारी केदार सिंह यादव, जयंत कुमार सिंह, हरिवंश यादव, प्रवीण राय, मो० अजहर सईद, रमाशंकर यादव सहित लोग मौजूद रहे।
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