चंदौली l जिले में तीन दिवसीय हुई इस बारिश की वजह से बरसात में भीगती फसल देख किसान मायूस हो गया l बोला अब आत्म हत्या करने के शिवा कुछ नहीं बचा विकल्प l कर्ज लेकर खेती का कार्य किया गया बे मौसम बरसात ने सब कुछ कर चौपट कर दिया l बिन मौसम के हुई बरसात के वजह किसानों के द्वारा कुछ इस अंदाज में गुनगुनाते सुना गया है। आय हाय रे मजबूरी ये मौसम और महंगाई मार डाला l
बताते चले की चंदौली जिले में तीन दिवसी हुई इस बारिश की वजह से किसने की लाखों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई और फसलों को बर्बाद होते देखा किसान मायूस होकर रोने लगे। इस सम्बंध में पड़या गांव के रहने वाले किसान प्रवीण मौर्य का कहना है कि हम लोगों ने कर्ज लेकर किसी तरह से इस महंगाई में खेती का कार्य किया था। जबकि जैसे ही फसल तैयार होकर कटाई के लिए हुई वैसे ही इस मौसम ने सारी फसल को चौपट कर दिया।
कहीं पर फसलों में थोड़ा बहुत नमी होने के कारण भी हम लोगों को धान क्रय केंद्रों को पर हर वर्ष कीच कीच का सामना करना पड़ता है और इस बार तो बिन मौसम के हुई बरसात के कारण धन खराब हो गए हैं और क्रय केंद्रों पर भी बिक्री के लिए अधिकारियों के द्वारा नहीं सुना जाता है।अब हम लोगों को आत्महत्या करने के सिवा और कुछ विकल्प नहीं रह गया है।
क्योंकि पूरे साल के लिए जो खेती-बाड़ी से उत्पन्न होता है इसी से हम लोगों का बच्चों की पढ़ाई का खर्च और अन्य खर्च इसी से चलाया जाता है जबकि सारी फैसले बर्बाद हो जाने के कारण अब इस महंगाई में हम लोग कैसे जिंदा रह पाएंगे
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