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श्रद्धांजलि सभा में शिक्षकों, समाजसेवियों सहित शुभचिंतकों का लगा रहा ताँता

चंदौलीधानापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुरेहूँ में शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह महाविद्यालय आवाजापुर के प्राचार्य डाॅ. रमेश कुमार भारती के बड़े भाई के परिनिर्वाण के पश्चात् गुरुवार 18 जनवरी को श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर जनपद भर के प्रोफेसर, शिक्षक, समाजसेवियों सहित शुभचिंतकों ने नम आँखों से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया । इस दौरान देर शाम तक लोगों का ताँता लगा रहा ।

फोटो : श्रद्धांजलि देते प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार भारती


प्राचार्य डाॅ. भारती ने बताया कि " मेरे बड़े भाई स्व. छांगुर जी बहुत ही सरल स्वभाव के व्यक्ति थे । उनका व्यक्तित्व और कार्य ईमानदार रहा । वे सिद्धांतवादी प्रकृति के योद्धा काफी पराक्रमी, ओजस्वी विचार वाले शिक्षा के सजग प्रहरी थे । उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और धैर्य क्षमता से कठिन से कठिन परिस्थितियों से लड़ने का साहस दिया । हम सबके बहुत ही शुभचिंतक थे, जिन्होंने अपने जीवन में शिक्षा को प्रथम प्राथमिकता दिया और अपने तीनों भाइयों को उच्च शिक्षा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ा । "

स्व. छांगुर जी लम्बे समय से ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे । उनका इलाज वाराणसी बीएचयू, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़ और दक्षिण कोरिया के कैंसर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के यहाँ काफी धन खर्च करके कराया गया । चिकित्सकों के परामर्श और चिकित्सा से स्वास्थ्य लगभग ज्यादा ठीक-ठाक चल रहा था कि अचानक 05 जनवरी को 10:30बजे उन्होंने इस बिमारी से लड़ते-लड़ते आखिर हार मान ही लिया और शरीर को त्याग दिया ।


उनके नुफ्ते से चार बच्चे हैं, जिनमें बड़ी लड़की संगीता शादीशुदा है, वहीं जीतेन्द्र कुमार 25 वर्ष, अंजनी कुमारी 20 वर्ष व आशीष कुमार 17 वर्ष अभी अविवाहित हैं । उनके जाने के बाद से परिवार सहित उनकी धर्मपत्नी चन्द्रज्योति पर विपदा का पहाड़ टूट पड़ा है, जो असहनीय है और इस दुःख की घड़ी में आर्थिक, सामाजिक एवं सहिष्णुता की हुई भारी कमी की भरपाई नहीं की जा सकती ।


प्राचार्य डाॅ. भारती ने बताया कि "दवा-इलाज के दौरान मुझे आर्थिक और मानसिक तंगी के दंश में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने में भाई सुनील शर्मा, सुनील सिंह, डॉ. उमाशंकर सिंह चौहान और डॉ. रामबिलास राम को भुलाया नहीं जा सकता । मेरे पीठ का भाई तो मुझे छोड़कर चला गया, परन्तु आप लोगों को सदैव साथ में खड़े देखकर भाई की कमी नहीं महसूस होती है । मैं आजीवन एहसानमंद हूँ ।"

इस दौरान डॉ. देवचंद्र भारती 'प्रखर',संजय कुमार 'दिनकर', ग्राम प्रधान विकास राजभर, राजीव यादव, सतीश यादव, कमलेश यादव, सुनील शर्मा, सुनील सिंह, अजीत कुमार, सिकंदर प्रसाद, अविनाश कुमार, नारद यादव, जमुना प्रसाद,आनंद मौर्य,अजय श्रीवास्तव, सुनील तिवारी,टुनटुन,उपेंद्र यादव, श्रीमती चंद्रज्योति देवी, श्रीमती नीरा देवी, जितेंद्र,संगीता,अंजनी,प्रीति, प्रांजल,आशीष तथा समस्त परिवार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।

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