चंदौली,
सकलडीहा। जिला चाइल्ड लाइन द्वारा कंपोजिट विद्यालय सकलडीहा में अक्षय तृतीया के अवसर पर शुक्रवार को बाल विवाह रोकने हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय के छात्राओं को बाल विवाह सहित अन्य अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी।
फोटो: कंपोजिट विद्यालय सकलडीहा में जिला चाइल्ड लाइन की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित बच्चे व अन्य
जिला चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर संध्या यादव ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप बना हुआ है। जागरूकता के अभाव में 10 मई को अक्षय तृतीया पर्व के दिन लोग अपने नाबालिक पुत्र व पुत्री की शादी करते हैं । जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। यह घटना मंदिर, मैरिज हॉल, पंडाल जैसे स्थानों पर आमतौर पर संपन्न किया जाता है।
लड़के का उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना कानूनन अपराध है। जो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह करना या करवाना संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। जो माता-पिता अपने पुत्र पुत्रियों का बाल विवाह करवाते है तो उन्हें अधिनियम की धारा 4, 5, एवं 13 में पाबंद कर 2 वर्ष का कारावास व 1 लाख रुपयों का दंड देने का प्रावधान है।
बच्चों के अधिकार, विभाग द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 1098 से सम्बन्धित उक्त जानकारी पर विस्तार से जानकारी दिया गया। बच्चों ने चर्चा के मध्य जानकारी हेतु खूब जमकर सवाल जवाब किया। विद्यालय परिसर में हुए कार्यक्रम का जिला चाइल्ड लाइन की ओर से सराहना किया गया।
इस मौके पर प्रधानाध्यापिका श्रीमति उर्मिला देवी, मुरसर्त जहा,सुशीला सिंह, मीरा टाईगर, सुरेश कुमार गौतम, सन्ध्या जायसवाल, धीरज कुमार शाह, दीपशिखा,विनय कुमार खरवार, जसवंत, प्रज्ञा गौतम, कल्पना भारद्वाज सहित अन्य रहे।
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