चन्दौली,चकिया। मोदी सरकार ने तीन किसान विरोधी काले कानून लाकर व किसानों के आंदोलन के दबाव में वापस करने का वादा करके मुकर जाना उस सरकार के किसान विरोधी चरित्र को उजागर कर दिया हैं। किसानों के फसलों का लागत मूल्य से दुगूना ज्यादा देने का वादा जूमला साबित हुआ हैं फिर किसान उनकी सरकार पर भरोसा कर मौका क्यों दें। उक्त बातें शुक्रवार को आईपीएफ राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय व अखिलेश दूबे करईल केहडौरा ,घोडसारी ,खिलची , इमलिया पहाड़पुर , लेहरा में प्रतिष्ठित किसानों से जनसंवाद करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि जब किसानों की धान की खरीद का वक्त आता हैं तो किसानों की धान की खरीद क्रय केंद्र पर नहीं होती हैं और जब व्यापारियों द्वारा अच्छी कीमत पर गेहूं की खरीद होती हैं तो कम कीमत पर किसानों से गेहूं खरीद करने के लिए दरबाजे तक सरकारी क्रय करने वाले पहुंच जाते हैं ! किसानों की जायज मांगों को सरकार नहीं मानती हैं और कार्पोरेट घरानों के हीत के लिए किसानों के खेतों को कम कीमत पर अधिग्रहण किया हैं !
किसानों की मांगों के लेकर हर लोकतांत्रिक आंदोलन पर मोदी सरकार ने हर समय पर दमन किया हैं ! एक तरफ तो मोदी जी कहते हैं कि हमने किसान सम्मान निधि के तहत हर साल छः हजार रुपए दिए हैं दूसरी तरफ खाद की बोरी का वजन घटा दिया ,बीज किटनाशक दवाओं का दाम बढ़ा दिए हैं! नहरों माइनरों की सफाई न होने से किसानों की बर्बाद हो जाती हैं ! पुरें चंदौली जनपद में एक भी खराब होने वाली सब्जी रहने के लिए कोल्ड स्टोरेज नहीं हैं ! पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से किसानों के फसलों का लागत मूल्य बढ़ गया और किसानों को सहकारी खेती के लिए प्रेरित करने की दिशा में यह सरकार का कोई दृष्टिकोण नहीं हैं ! जब मोदी सरकार शुन्य ब्याज दरों पर कार्पोरेट घरानों को लोन दे सकती हैं ,कार्पोरेट घरानों द्वारा घाटा दिखाने पर लोन माफ कर सकती हैं तो किसानों के खेती के लिए शून्य ब्याज दरों पर लोन क्यों नहीं दे सकती और किसानों के कर्ज़ माफी क्यों नहीं कर सकतीं हैं !
द्वय नेताओं ने कहा कि आज भी किसानों पर गाड़ी चढ़ाने वाले के पिता व किसानों को धमकाने वाले मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं और किसान आंदोलन करने वाले पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा मोदी जी सरकार की उपलब्धि हैं ! आज देश में लोकतंत्र की रक्षा करने , किसानों की खेती को बचाने , बिक्री हो रही मोदी जी सरकार द्वारा सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा के लिए और नौजवानों की भविष्य से खिलवाड़ करने व मंहगाई पर रोक लगाने में विफल सरकार लोकसभा चुनाव में हराया जाना बहुत जरूरी हैं! यह सरकार ने आम नागरिकों के समक्ष भी आजिविका का संकट खड़ा कर दिया हैं ! यह सरकार ने सामान्य विरोध प्रदर्शन को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं और किसान नेताओं पर गम्भीर मुकदमा दर्ज कर रहीं हैं। किसान नेताओं को नजरबंद कर रही हैं !
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