कल मतदान में पोलिंग बूथों पर गर्मी से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था हो
दस सालों की बरबादी, नफरत और विभाजन की राजनीति को शिकस्त देने और बदलाव के पक्ष में खड़े होने की अपील
लखनऊ, 31 मई। भाकपा (माले) ने भीषण गर्मी से हो रही मौतों पर दुख प्रकट करते हुए सरकार से बिजली, पानी व चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। गरीबों, मजदूरों, दिहाड़ी श्रमिकों की जीवन रक्षा करने, सवेतन अवकाश देने और जल संकट से जूझ रहे दूरदराज के इलाकों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा है।
पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि भयंकर गर्मी के बीच पूर्वांचल के जिलों में शनिवार को लोकसभा के अंतिम चरण का मतदान होगा। लोग मतदान के लिए लाइन में लगेंगे। जब लू और गर्मी से राह चलते लोग बेहोश हो रहे और दम तोड़ रहे हैं, ऐसे में पोलिंग बूथों पर गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त उपाय किये जाने चाहिए। हर बूथ पर स्वास्थ्य टीम और अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था हो।
माले नेता ने कहा कि रिकार्डतोड़ गर्मी और हीट स्ट्रोक से प्रदेश में सैंकड़ों जानें जा चुकी हैं। फिर भी सरकार सबक नहीं ले रही है। वोट लेने की जुगत में भाजपा और उसकी सरकार ने जनस्वास्थ्य की रक्षा की सार्वजनिक जिम्मेदारी का परित्याग कर दिया है। आपातकालीन राहत उपाय करने की जगह वह हाथ पर हाथ धरे बैठी है। हीट वेव से प्रभावितों के समुचित मुफ्त इलाज व दम तोड़ने वालों के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए।
इस बीच, भाकपा माले नेता ने अंतिम चरण के चुनाव में मतदाताओं से दस सालों की बरबादी, नफरत और विभाजन की राजनीति को शिकस्त देने और बदलाव के पक्ष में खड़े होने की अपील की है। कहा कि इण्डिया गठबन्धन ने रोजगार के सवाल पर, लोकतंत्र और संविधान की हिफाजत के सवाल पर और देश में सरकारी नीतियों को बदलने के सवाल पर एक जबर्दस्त विकल्प खड़ा किया है।
इसलिए सभी मतदाता भारी से भारी संख्या में मतदान के दिन बाहर निकलें और देश को पीछे धकेलने वालों को पीछे छोड़ कर संविधान के रास्ते पर आगे बढ़ें ताकि इण्डिया गठबन्धन की सरकार बने और मोदी सरकार के अत्याचार व अहंकार से देश को मुक्ति मिले।
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