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अरुंधति रॉय व डॉ शेख शौकत हुसैन पर हुए मुकदमे के खिलाफ मनाया विरोध दिवस, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

लखनऊ । प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार से सम्मानित जानीमानी अंग्रेजी लेखिका व सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय और प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक व कश्मीर केंद्रीय विवि के पूर्व प्रोफेसर शेख शौकत हुसैन पर, करीब चौदह साल पहले एक कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्य को आधार बनाकर, उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) जैसे दमनकारी कानून के तहत मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा दिये गए हालिया आदेश के खिलाफ भाकपा माले ने गुरुवार, 20 जून को देशव्यापी विरोध दिवस मनाया। राजधानी लखनऊ सहित जिला मुख्यालयों पर मार्च और प्रदर्शन कर जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही आया यह आदेश अभिव्यक्ति की आजादी के विरुद्ध और लोकतांत्रिक बुद्धिजीवियों को निशाने पर लेकर उनका उत्पीड़न करने की कोशिश है। यह केंद्र के इशारे पर हुआ है। यह लोकतंत्र पर हमला है। फासीवादी कृत्य है। यह नई सरकार के आने वाले दिनों के क्रियाकलाप का भी संकेत देता है। पूर्ण बहुमत से वंचित भाजपा केंद्र सरकार को पिछली दो सरकारों के नक्शेकदम पर ही चलाना चाहती है। इसका पुरजोर विरोध होगा। बोलने की आजादी, असहमति के अधिकार, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा, संसद से लेकर सड़क तक, हर हाल में की जाएगी।

पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि विरोध दिवस लखनऊ, प्रयागराज, बनारस, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, रायबरेली, सीतापुर, मथुरा, जालौन सहित कई जिलों में मनाया गया।

माले नेता ने यह जानकारी भी दी कि लोकसभा चुनाव परिणामों की समीक्षा और आगामी योजना के लिए पार्टी राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक मिर्जापुर में 22-23 जून को होगी।

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