47 दिन पहले नेशनल कोआर्डिनेटर पद की छीन ली थीं सारी जिम्मेवारी
लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों मायावती ने रविवार को एक अहम बैठक में अपने भतीजे आकाश आनन्द को नेशनल कोऑर्डिनेटर के साथ फिर उत्तराधिकारी घोषित किया। 07मई को अपरिपक्वता का हवाला देते हुए उनसे नेशनल को आर्डिनेटर के पद की सारी जिम्मेवारी छीन ली थीं।
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार पर बहनजी ने मंथन करने हेतु लखनऊ में आल इंडिया के बसपा के सभी प्रदेश प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें आकाश आनंद भी मौजूद थे. बैठक के दौरान आकाश आनंद ने बुआ मायावती का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
वहीं यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भतीजे के सिर पर प्यार से हाथ रखकर दुलारा और पीठ थपथपाई।एक दिन पहले ही आकाश को उत्तराखंड उपचुनाव के लिए पार्टी का स्टार प्रचारक बनाया गया था. उनका नाम लिस्ट में मायावती के बाद दूसरे नंबर पर था.
दर असल,मायावती ने 7 मई को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के बाद उनकी अपरिपक्वता का हवाला देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक के पद से आकाश आनंद को हटा दिया था. इसके बाद उनके प्रचार कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे. लोकसभा चुनाव के नतीजे आए तो बसपा का निराशाजनक प्रदर्शन देखने को मिला था. पार्टी को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हो सकी.
बताया गया कि आकाश आनंद के आक्रामक भाषणों से वे नाराज हो गई थीं. बीजेपी के खिलाफ एक विवादित बयान को लेकर आकाश पर मुकदमा भी हो गया था, लेकिन पार्टी के सीनियर नेताओं के सामने आकाश के माथे पर मायावती के हाथ ने बदलते हालात के संकेत दे दिए. आकाश आनंद की राजनैतिक रूप से बीएसपी की मुख्य धारा में वापसी हुई है.
आकाश बने बसपा के राष्ट्रीय संयोजक
मायावती ने आकाश आनंद को फिर से अपना राजनैतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है. मायावती ने कहा कि आकाश आनंद पार्टी से नौजवानों को जोड़ेंगे, लेकिन मीटिंग में ये तय हुआ कि आकाश को अभी यूपी के राजनैतिक मामलों से दूर रखा जाएगा।
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