वाराणसी। फ्लैट के नाम पर 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में भाजपा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष को कोर्ट से राहत नही मिली। विशेष न्यायाधीश अभय कृष्ण तिवारी की अदालत ने नेवादा, सुन्दरपुर निवासी आरोपी भाजपा पूर्व जिला कोषाध्यक्ष कालिन्दी उपाध्याय व उनके भाई ऋषिकेश उपाध्याय के अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए बुधवार को खारिज कर दी। अदालत में जमानत अर्जी का विरोध अधिवक्ता नदीम अहमद खान व अनुराग सिंह ने किया।
अधिवक्ता नदीम अहमद खान द्वारा बताया गया कि कालिन्दी उपाध्याय भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। प्रकरण के अनुसार, वादिनी मुकदमा डा० वैभव सिंह ने थाना रोहनिया में प्राथमिकी दर्ज कराई कि वादिनी व उसकी माता सुलभा सिंह जिला मिर्जापुर के रहने वाले हैं। वर्तमान में वादिनी अमेरिका में साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत है। वादिनी व उनकी माता के द्वारा संयुक्त रूप से फ्लैट खरीदने के लिए प्रत्यक्ष इन्फा डेवलेपर प्रापर्टी डीलर के जरिए डायरेक्टर अविनाश उपाध्याय, कालिन्दी उपाध्याय व ऋषिकेश उपाध्याय के साथ बातचीत किया। हमें बातों में फंसा के फ्लैट बुक करवाया गया।
तब अविनाश उपाध्याय वगैरह उक्त फ्लैट बुकिंग हेतु बतौर एडवांस लगभग अड़तालीस लाख रुपये आर.टी.जी.एस. व चेक के विभिन्न माध्यम से व विभिन्न तिथियों एवं किश्तों में लगातार प्राप्त करते रहे। उक्त अविनाश उपाध्याय वगैरह द्वारा तय किये गये उक्त पलैट जिसकी जानकारी वादिनी को बाद में हुई कि उक्त फ्लैट किसी भी प्राधिकरण व रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी से अनुमोदित नहीं है, उसके बाद भी उक्त फ्लैट का निर्माण मौके पर नहीं किया गया और न ही वादिनी व उनकी माता द्वारा दिया गया पैसा ही वापस किया गया।
वादिनी मुकदमा व उसके पति डा० शिव शंकर वर्मा पिछले काफी समय से रोज रात्रि में अमेरिका से चार घंटे फोन कर रहे हैं, परन्तु अविनाश उपाध्याय व कालिंदी उपाध्याय ने कोई संतुष्टि भरा जवाब नहीं दिया। काफी अनुनय विनय, निवेदन करने पर विपक्षी अविनाश उपाध्याय द्वारा आराजी नंबर-151 स्थित मौजा अमरा खैराचक परगना देहात अमानत, तहसील सदर, जिला वाराणसी में ही पूर्व से ही विक्रित जमीन का पुनः विक्रय 15 अप्रैल 2023 को वादिनी व उसके बेटी के नाम से करा दिया, जिसके कारण मौके पर कब्जा भी नहीं मिल पाया।
वादिनी व उनकी पुत्री काफी हतप्रभ व ठगा सा महसूस कर रही हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं। जब वादिनी ने पैसा मांगने का प्रयास किया तो उन्हें सीधा व परोक्ष रूप में डराया धमकाया गया, जिससे वादिनी की माता की तबीयत भी खराब हो गयी।
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