07 वर्षों से ध्वस्त पुलिया में गिरा बाइक सवार, राहगीरों ने बचाई जान
शायद अप्रिय घटना के इंतजार में अधिकारी, शिकायत के बाद भी नहीं ली सुध, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, पुलिया निर्माण की उठाई मांग
चंदौली, सटीक संवाद। खबर यूपी के जनपद चन्दौली के नौगढ़ क्षेत्र के बोझ गांव से है. जहाँ फूटहड़वा वियार बस्ती से मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर 07 वर्षों से ध्वस्त पुलिया में शनिवार की शाम 5:00 बजे बाइक सवार मिंटू जा गिरा. राहगीर भीम आर्मी जिला संरक्षक रामचंद्र राम और जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार भारती ने मिन्टू को गड्डे से तत्काल निकाल कर जान बचाई. सूचना मिलते ही ग्रामीण काफी संख्या में मौके पर पहुंच कर लापरवाह अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारा बाजी और प्रदर्शन करने लगे और जल्द ही पुलिया निर्माण की मांग उठाई. आरोप लगाया कि कई बार इसकी शिकायत की गई परन्तु अभी तक किसी ने सुध नहीं ली. शायद किसी अप्रिय घटना के इंतजार में अधिकारी हाथ पर हाथ धरकर बैठे हैं.
ग्रामीणों की माने तो पुलिया विगत 07 वर्षों से ध्वस्त है.इससे आने जाने वाले लोगो को खतरा मोल लेना पड़ता है. इस गड्ढे में गिरकर पूर्व में भी कई लोग चोटिल हो चुके हैं. इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार की गई परन्तु आज तक किसी ने सुध नहीं ली.अधिकारी और जनप्रतिनिधि शायद कोई अप्रिय घटना के इंतजार में है. संयोग तो अच्छा रहा कि अभी अंजोर था और राहगीरों ने गड्ढे से निकाल कर बचा मिंटू को लिया नहीं तो अंहार रहता तो शायद कोई देख पाता और इसे बचाता. ऐसे ही लोगों की जान चली जाती है.
फोटो : बोझ फूटहड़वा बीयार बस्ती में ध्वस्त पुलिस पर विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण
वहीं रामचन्द्र राम ने कहा कि आपलोग भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी से जुड़ जाइये और तब इसकी आवाज बुलंद करिए. यहीं एक ऐसा संगठन है जो भ्रष्ट अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवैधानिक तरीके से लड़ता है और अपनी मांगे मनवाता है. आप लोग भीम आर्मी के बैनर तले टूटी पुलिया के पास धरना प्रदर्शन करिए अवश्य आपकी आवाज सुनेंगे और जल्द ही पुलिया का निर्माण हो जायेगा. भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की जूं ऐसे रेंगने वाली नहीं है.
प्रदर्शनकारियों में लाल बहादुर रामनरायन वियार, राम नरेश बाबा जी, शम्भू, कलावती , आदी देवी, कलावती, गया, रविंदर, कैलाश, आदर्श, त्रिवेणी, दिनेश यादव , नूरजहाँ आदि शामिल रहे.