आजम खां 23 महीने बाद जेल से रिहा

अभी 81 केस पेंडिंग, ज्यादा दिनों तक अच्छे दिन नहीं रहने वाले 

लखनऊ, सटीक संवाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान की 23 महीने बाद रिहाई हो गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार को वे जेल से बाहर निकले. आजम के बड़े बेटे अदीब अपने समर्थकों के साथ सीतापुर जेल पहुंचे. सवाल यह है कि कितने दिनों तक वह जेल से बाहर रहेंगे?


उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद आजम खान की उलटी गिनती शुरू हो गई और कानूनी शिकंजा उन पर कसता गया. फरवरी 2020 में पहली बार आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी और वहां से उन्हें सुरक्षा कारणों के चलते सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था. आजम 27 महीने जेल में रहने के बाद मई 2022 में जमानत पर बाहर आए थे.

आजम खान की रिहाई पर अखिलेश ने कोर्ट को दिया धन्यवाद
आज यह शुभ दिन है. समाजवादी पार्टी के नेता आदरणीय आजम खान की आज रिहाई हो चुकी है, इसके लिए मैं कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं. वहीं हम समाजवादियों का भरोसा था कि कोर्ट न्याय करेगा और कोर्ट से न्याय मिला हमें उम्मीद है आने वाले समय में एक भी झूठा मुकदमा और इस तरह से सरकार लगातार झूठे मुकदमे लगाती है वह नहीं रहेगा. खास तौर से रामपुर का विधायक और एक अधिकारी जिसको एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन मिल रहा है वह अन्याय नहीं करेंगे. हम समाजवादियों के लिए बहुत खुशी का समय है.

बसपा में जाने पर 
आदरणीय आजम खान साहब समाजवादी पार्टी के संस्थापक रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने में आज से नहीं न जाने कब से सबसे बड़ी भूमिका उनकी रही है. आज तो खुशी का समय है कि मैं एक पुरानी जगह आया हूं वही आज ही उनको भी न्याय मिला है. हमें उम्मीद है उनके सभी मुकदमे खत्म हो जाएंगे. समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जिस तरह से मुख्यमंत्री जी ने अपने मुकदमे वापस लिए. उन्होंने उपमुख्यमंत्री के मुकदमे वापस लिए. हम समाजवादी लोग भी सपा की सरकार बनने पर जो सारे झूठे मुकदमे लगे हैं आदरणीय मोहम्मद आजम खान साहब पर सभी मुकदमे वापस लेने का काम करेंगे.

जिन पत्रकार साथियों पर भी झूठे मुकदमे लगे हैं वह मुकदमे भी वापस लिए जाएँगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर - सरकार अब जगी है. जब ताकतवर लोगों को हर जगह बैठाया गया है तब सरकार जगी है अगर सही खबरें चल जाएगी तो विज्ञापन सरकार हटा लेगी. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को जाति व्यवस्था का सामना करना पड़ा. डॉ राम मनोहर लोहिया जिंदगी भर इस बात को कहते रहे की जाति तोड़ो नेताजी ने भी लगातार कहते रहे की जाति को तोड़ा जाए. आज भारतीय जनता पार्टी PDA से घबराकर यह फैसला ले रही. हमारा कोई भावनात्मक रिश्ता है तो वह जाति का है, इसको कोई झुठला नहीं सकता है. कोई जाति के नाम पर प्रतिमा धुलवा रहा है,कोई जाति के नाम पर घर धुलवा रहा है.

ECI की बिल्डिंग पर
यह पूरी बिल्डिंग सरकारी खाली करके बेच दी जाएगी, न आयोग रहेगा ना बिल्डिंग रहेगी. जाति के आधार पर पोस्टिंग हो रही है, जाति के आधार पर भेदभाव हो रहा है. आप इस ग्राफ में साफ तौर से देख सकते हैं कि यह भेदभाव कब खत्म होगा. गोरखपुर की पोस्टिंग में एक जाति के लोगों को पोस्टिंग मिली है. मुख्यालय के ठेके भी एक ही जाति के लोगों को मिले हुए हैं. यूपी एसटीएफ की पोस्टिंग भी आप देख सकते हैं, यहां जाति ही सर्वोपरि है. कल को यह कहेंगे कि एससी एसटी मुकदमा भी नहीं लिखेंगे एससी एसटी मुकदमा भी तो जाति के आधार पर ही होता है.

भेदभाव का यह आलम है कि सीतापुर में सपा की गाड़ी का चालान कर दिया. समाजवादी पार्टी की गाड़ी अगर पार्किंग में भी खड़ी होती है और झंडा लगा है तो भी सरकार चालान करवा देती है।

लोकप्रिय खबरें

निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर छह लेखपालों का वेतन रोका, एसडीएम ने जारी किया नोटिस, तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण

बेकरी दुकानदार से मारपीट करने वाले आरोपी को सकलडीहा पुलिस ने दबोचा

बलुआ में शादी के नाम पर लाखों की ठगी, खरीदारी कराने के बाद दुल्हन फरार

छुट्टी पर घर आए सेना के जवान पर जानलेवा हमला, गांव के चार युवकों ने पीटकर किया लहूलुहान

एमएलसी पद दिलाने के नाम पर 17.22 लाख की ठगी, अलीनगर पुलिस ने वांछित आरोपी को दबोचा

मुगलसराय थाने में पैरवी करने पहुंचे पूर्व फौजी को पीटने का आरोप, एसओ और हमराहियों पर लाठी से मारपीट का दावा