शुरुआती सरकार ने मूलनिवासियों के साथ बहुत बड़ी बेइमानी की: डीपी गौतम
भारत की मूलभूत संपति 15 को 85 और 85 को 15 पर्सेंट में बाट दिया, कैडर कैंप का आयोजन
सकलडीहा (चंदौली)। क्षेत्र के नोनार में डॉ अंबेडकर प्रतिमा के पास शुक्रवार को अपनी जनता पार्टी के तत्वावधान में एक दिवसीय कैडर कैंप का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम डॉ अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं बहुजन समाज में जन्मे संतो महापुरुषों को याद और नमन कर की गई.
इस दौरान भारतीय समाज में असमानता, गैर बराबरी, विषमतावादी, मनुवादी व्यवस्था की सामाजिक धार्मिक, एवं आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही आंबेडकरवादी व्यवस्था के तहत गुलामीमुक्त- समानता- बराबरी और समता मूलक समाज बनाने पर जोर दिया गया.
प्रमुख प्रशिक्षक इंजीनियर धर्मेंद्र प्रकाश गौतम ने कहा कि देश तो गोरे अंग्रेजों से आजाद हुआ, मगर काले अंग्रेजों ने देश की पचासी प्रतिशत सार्व भौम संपत्ति पर अपना आधिपत्य जमाए बैठा है. इसका प्रमुख जिम्मेदार देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की शुरुआती सरकार की नीतियों को ठहराया. उन्होंने आगे कहा कि भारत की मूलभूत संपत्ति और भारतीय संविधान के अर्थ पर शुरुआती सरकार की नीतियों ने भारी कुठाराघात किया और धन, धरती और राज पाठ को 15 पर्सेंट वाले काले अंग्रेजों के हाथों सौंप दिया और देश के 85 पर्सेंट वाले मूलनिवासियों और आदिवासियों को 15 पर्सेंट की ही संपत्ति में समेट दिया.मूलनिवासियों व आदिवासियों के साथ की गई बहुत बड़ी बेइमानी और समाज की जटिल समस्याओं को तर्क की कसौटी पर कसते हुए प्रत्येक व्यक्ति की बराबरी की हिस्सेदारी और भागेदारी को लेने का फार्मूला दिया.
वहीं अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा कि संविधान को समझने के लिए बहुजन समाज में जन्मे महापुरुषों के संघर्षों का इतिहास पढ़ना और जानना जरूरी है, तभी भारतीय संविधान को समझ पाएंगे और अपने भविष्य का निर्माण कर पाएंगे. आज वर्तमान समय में सरकारें बहुजन महापुरुषों का इतिहास मिटाने पर तुली हुई हैं और बहुजन नायक अपने अपने ताज के लिए लड़ रहे हैं.वहीं अपील किया सारे बहुजन नायक एक होकर के महापुरुषों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्पर हो जाएं अन्यथा वह दिन दूर नहीं होगा जो स्वतंत्रता की पूर्व स्थिति में गुलामी में था.
इस दौरान रामलखन मौर्य, अशोक स्वामी, रामलाल मौर्य, अंबिका प्रजापति, इंदु मेहता, सुजीत मौर्य, राम ललित मौर्य, चंद्रशेखर मौर्य, आलोक मौर्य, राकेश मौर्य, कन्हैया मौर्य, जासो देवी, कार्तिक, मनोज, हरिकेश, हरेंद्र, रामदुलार, श्री कुमार, भगवंत कुमार सहित सैकड़ों महिलाएं पुरुष मौजूद रहे.
कार्यक्रम के अंत में प्रमुख प्रशिक्षक इंजीनियर डीपी गौतम के द्वारा संविधान को बचाने और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए शपथ दिलाई गई वहीं उन्हीं के हाथों बच्चों को कापी और कलम वितरण किया गया।