चंदौली जनपद में लंबे समय से चल रहे दो तीव्र विवादों को लेकर अब न्यायपालिका ने सख्त भूमिका निभाते हुए “बार‑बार विवाद करने वालों” पर सीधा लगाम लगा दिया है। थाना सकलडीहा और थाना इलिया क्षेत्रों में शांति भंग की आशंका को देखते हुए न्यायालय ने दोनों पक्षों को वर्ष भर तक शांति सुनिश्चित करने के लिए बड़ी धनराशि के निजी बंधपत्र और जमानत की शर्त के साथ पाबंद किया है।
सकलडीहा में भूमि विवाद ने उड़ाई थीं धूल
थाना सकलडीहा क्षेत्र के ग्राम टेकापुर में सम्पूर्णानन्द तिवारी, लवकुश तिवारी, मंशा तिवारी और विजय कुमार तिवारी, विरेन्द्र कुमार तिवारी जैसे परिवार के बीच भूमि को लेकर लंबे समय से तीखा विवाद चल रहा था। पहले भी कहासुनी, मारपीट और शांति भंग की कई घटनाओं की सूचना मिल चुकी थी। थाना सकलडीहा की जांच और चालानी रिपोर्ट के बाद न्यायालय में मामला पेश हुआ।उपजिलाधिकारी सकलडीहा ने दोनों पक्षों के विरुद्ध धारा 136 बीएनएसएस के तहत आदेश जारी करके हर एक आरोपी को पांच‑पांच लाख रुपये के निजी बंधपत्र और उसी रकम की दो‑दो जमानतें प्रस्तुत करने की लाज़मी शर्त थोप दी है। एक साल तक शांति न बनाए रखने पर बंधपत्र जब्ती और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई का साफ चेतावनी संदेश भी दे दिया गया है।
इलिया में पेट्रोल पंप के आस‑पास उबल रहे थे संबंध
थाना इलिया क्षेत्र के ग्राम सावरसोत में एक पेट्रोल पंप के संचालन और आय के बंटवारे को लेकर यादव परिवार के दो समूहों के बीच वर्षों से टकराव चल रहा था। राकेश यादव, ज्ञानप्रकाश सिंह, चन्द्रेश प्रकाश के समूह और दूसरी ओर चन्द्रप्रकाश सिंह, ओमप्रकाश सिंह यादव के बीच बार‑बार कहासुनी और मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं।थाना इलिया की जांच और चालानी रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय में मामला दर्ज कराया गया। उपजिलाधिकारी चकिया ने दोनों पक्षों के खिलाफ धारा 136 बीएनएसएस के तहत आदेश दिया कि हर एक व्यक्ति को एक‑एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र और उतनी ही धनराशि की दो‑दो जमानतें प्रस्तुत करनी होगी। इस समझौते के तहत अगले एक वर्ष तक किसी भी तरह की शांति भंग की कोशिश न करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
चेतावनी के साथ निगरानी
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित एक वर्ष की अवधि में किसी भी पक्ष द्वारा शांति भंग करने का प्रयास किया जाता है, तो उनके बंधपत्र की पूरी धनराशी जब्त कर ली जाएगी और विधिक कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी। जनपद पुलिस ने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने की बात कहते हुए यह संदेश दिया है कि “बार‑बार विवाद करने वालों” के आगे अब कोई छूट नहीं रहेगी, बल्कि उनकी जेब पर ही सीधी चोट पड़ेगी।
पुलिस अधीक्षक चन्दौली आदित्य लांग्हे, अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चन्द्रशेखर, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी और क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज के कुशल नेतृत्व में यह मामला कानूनी रूप से नियंत्रित करने की कोशिश की गई है, ताकि ग्रामीणों के बीच दोबारा खून‑खराबे की स्थिति न उत्पन्न हो।
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