तेईस सौ वर्ष बाद भी सम्राट अशोक की स्मृति अमर, उनके शासन में गरीबों को मिलता था न्याय
चंदौली के धानापुर विकासखंड के अहिकौरा गांव में सम्राट अशोक क्लब के तत्वावधान में बुधवार को देवनामप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि जन अधिकार पार्टी के संस्थापक व जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने दीप प्रज्ज्वलन कर राष्ट्रगान के साथ शुभारंभ किया। उन्होंने पिछड़े व अनुसूचित जाति समाज को एकजुट होकर राजनीति में सक्रिय होने का जोरदार आह्वान किया।
बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा, "2300 वर्ष बाद भी सम्राट अशोक की स्मृति अमर है। उनके शासन में गरीबों को न्याय मिलता था। बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को लागू करने के लिए सत्ता में ऐसे विचारों वाले नेता चाहिए। लोकतंत्र में जनता के अधिकारों को मजबूत करने हेतु अशोक, फुले, संत गाडगे जैसे महापुरुषों के विचारों को अपनाना जरूरी है।"
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट हृदय लाल मौर्य बोले, "देश की पहचान सम्राट अशोक ही हैं। उनकी विरासत बचाना हमारा कर्तव्य है। जो समाज अपना इतिहास भूल जाता है, वह कभी प्रगति नहीं कर सकता।" उन्होंने अखंड भारत के निर्माण, राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में अशोक स्तंभ और बौद्ध धर्म अपनाने वाले अशोक के लंबे शासन का जिक्र किया।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने तंज कसा, "जो आजादी के आंदोलन में योगदान नहीं दिए, वही आज राष्ट्रभक्त बन रहे हैं।" वहीं, मुख्य वक्ता लौटन राम निषाद ने योगी सरकार पर निशाना साधा, "प्रदेश सरकार पिछड़ों व दलितों के अधिकारों पर डाका डाल रही है।"
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रामजन्म मौर्य ने की और संचालन जिला पंचायत सदस्य गणेश भारतीय ने। मौके पर हेमंत कुशवाहा, श्रवण कुशवाहा, राजेश यादव, रमेश चंद्र कुशवाहा समेत हजारों लोग उपस्थित रहे, जिनमें समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय सचिव हरदेव कुशवाहा भी शामिल थे।
0 टिप्पणियाँ