चंदौली के सकलडीहा सेक्टर-1 से जिला पंचायत सदस्य के दावेदार पिंटू पाल ने विपक्षियों के दिलों में ऐसी आग जला दी है कि सारे के सारे उनकी बेबाकी की लपटों में झुलस रहे है। अब तो इलाके के किसान यहीं कह रहे हैं कि पिंटू पाल कोई साधारण नेता नहीं, बल्कि एक जांबाज शेर हैं। जिनकी दहाड़ से विपक्ष के पुराने शिकारी भी कांप उठे हैं।
इलाके की लचर व्यवस्था पर सीधा प्रहार
जिले के आलाधिकारियों से वे शिक्षा की लचर व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, बिजली-पानी की किल्लत, खाद-बीज की आसमान छूती कीमतों, जर्जर सड़कों, गंदी नालियों और सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रही चोर बाजार की लूट पर सीधा प्रहार करते हैं।
किसानों की पीड़ा बनाई फौलादी
उनकी आंखों में किसानों की पीड़ा की चमक है, जुबान पर न्याय की तलवार और दिल में लाखों किसानों का खून-पसीना झलक रहा है। उनका कहना है "किसान भाइयों का खून-पसीना बेकार नहीं जाएगा!"—यह उनका वो नारा है जो सकलडीहा की मिट्टी से निकलकर पूरे चंदौली में गूंज रहा। उन्हें किसानों की पीड़ा फौलादी बनाई हैं।
किसानों की समस्याओं को रूबरू कराते हुए
भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ फेंकूंगा
कल्पना कीजिए, धूप में पसीना बहाते किसान, रातों को जागते हुए फसल की चिंता में डूबे—और अब उनके बीच एक शेर आया है, जो वादा कर रहा है "जिला पंचायत में मेरा आगमन होगा किसानों का उद्धार। हर गांव तक न्याय की लहर पहुंचाऊंगा, भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ फेंकूंगा।" उनके धरने में उमड़ते लोग, खासकर वे किसान जो प्रशासन की उदासीनता से टूट चुके हैं, उनकी कहानियां सुनाते हैं।
पिंटू पाल की लोकप्रियता अब बाढ़ की तरह उफान मार रही है।
फसल बर्बाद, कर्ज का बोझ, बिना इलाज के मरते बच्चे। पिंटू इन दर्दों को अपनी छाती से लगाए, आग उगलते हुए चेतावनी देते हैं: "जो किसान को लूटेगा, वो सत्ता से उखड़ जाएगा। "पिंटू पाल की लोकप्रियता अब बाढ़ की तरह उफान मार रही है। विपक्ष के दिग्गज, जो सालों से इलाके पर राज कर रहे, अब उनकी बेबाकी से हिले जा रहे हैं।
किसानों की उम्मीदों का सूरज उगने वाला है।
स्थानीय राजनीति का चेहरा बदलने वाला यह नया शेर क्या कमाल कर दिखाएगा?। क्या सकलडीहा के खेतों से उठी यह क्रांति पूरे जिले को हिला देगी?। किसानों की नजरें टिकी हैं पिंटू पर—उनकी उम्मीदों का सूरज उगने वाला है। क्या यह शेर सत्ता के जंगलों को फतह कर लेगा? इलाके की धमनियां इसी सवाल से धड़क रही हैं।
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