चंदौली। क्या आप माटीकला (मिट्टी के शिल्प) के शौकीन हैं या पारंपरिक कारीगरी से रोजगार जोड़ना चाहते हैं? उत्तर प्रदेश सरकार की अनोखी 'मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना' आपके लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है। खादी ग्रामोद्योग विभाग से चंदौली जिले को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 इकाइयों का लक्ष्य मिला है। इस योजना से ग्रामीण और शहरी इलाकों में सैकड़ों शिल्पकारों को नई उड़ान मिलेगी, रोजगार के द्वार खुलेंगे।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गिरजा प्रसाद ने बताया कि यह योजना उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के 'माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम' का हिस्सा है। इसमें स्थानीय बैंकों के जरिए 10 लाख रुपये तक का आसान ऋण मिलेगा। उद्यमी अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में मशीन-उपकरण, भट्ठी, कच्चा माल और कार्यशील पूंजी जैसी जरूरतों के लिए फंड मांग सकते हैं। रोचक बात ये है कि प्रोजेक्ट लागत का सिर्फ 5% अपना अंश डालना होगा, बाकी बैंक ऋण देगा।
सबसे बड़ा लालच: टर्म लोन पर 25% मार्जिनमनी अनुदान! यानी सरकार आपके ऋण का एक चौथाई हिस्सा मुफ्त में भर देगी। उदाहरण लें—अगर आप 10 लाख का प्रोजेक्ट शुरू करते हैं, तो 5 लाख (अपना+बैंक) के बाद 2.5 लाख सीधे सब्सिडी मिलेगी। इससे माटी के दीये, मूर्तियां, बर्तन या सजावटी सामान बनाने वाली इकाई आसानी से खड़ी हो जाएगी। चंदौली जैसे जिले में, जहां माटीकला की समृद्ध परंपरा है, ये योजना स्थानीय कारीगरों को बाजार से जोड़ेगी और आय दोगुनी कर देगी।
आवेदन कैसे करें? बेहद आसान
वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन भरें। आवेदन की हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, गंगा रोड, रामजी कटरा, चंदौली जमा करें। कोई समस्या? जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गिरजा प्रसाद से सीयूजी 7703006951 पर बात करें।
ये मौका हाथ से न जाने दें
4 इकाइयों का लक्ष्य जल्द पूरा हो सकता है, इसलिए आज ही आवेदन करें। माटीकला से न सिर्फ रोजगार, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को भी नई जान मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय पहुंचें।
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