कमालपुर (चंदौली), 23 अप्रैल 2026: ठंडे झोंकों के बीच किसानों ने खेतों में चिंगारियां सुलगाईं, लेकिन तेज हवा ने उन्हें भयानक आग का रूप दे दिया। बस एक पल में तम्मागढ़ ग्राम सभा की शांत बस्ती जलकर राख हो गई। 17 गरीब परिवार खुले आसमान तले रहने को मजबूर हो गए। इस विपदा की घड़ी में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने न सिर्फ व्यक्तिगत मदद का हाथ बढ़ाया, बल्कि जिला प्रशासन को भी तत्काल सहायता का निर्देश दिया।
बुधवार की शाम: चिंगारी से विकराल आग
बीते बुधवार को तम्मागढ़ के किसानों ने सर्दी भगाने के लिए खेतों में ठूठ फूंकने के लिए आग जलाई। लेकिन अचानक तेज हवाओं ने चिंगारियों को उड़ा दिया। देखते ही देखते ये लपटें पास की बस्ती में घुस आईं। लकड़ी के झोंपड़ियां, अनाज के ढेर और घरेलू सामान—सब कुछ भस्म हो गया। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि ग्रामीण दौड़-भाग कर जान बचाने में जुट गए। नतीजा? 17 परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग अब सड़क किनारे तंबुओं में गुजार रहे हैं रातें।
गुरुवार को पहुंचे विधायक: नगदी और राशन की बौछार
गुरुवार को विधायक सुशील सिंह ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 5-5 हजार रुपये नगद और जरूरी राशन सामग्री—आटा, चावल, दाल, आलू, प्याज, नमक, तेल—वितरित की। पीड़ितों के आंसू पोछते हुए उन्होंने कहा, "इस दुख की घड़ी में मैं आपके साथ हूं। शासन और अपने स्तर से हर संभव मदद सुनिश्चित करूंगा।"
उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी से फोन पर बात की और निरीक्षण कराने के साथ ही गरीब परिवारों को आवास योजना के तहत घर और मुआवजा दिलवाने का सख्त निर्देश दिया। विधायक का यह कदम न सिर्फ तात्कालिक राहत देगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए भी जागरूकता पैदा करेगा।
स्थानीय नेताओं का साथ
इस अवसर पर संजय उपाध्याय, पूर्व प्रधान मनीष सिंह, शिवमूरत उपाध्याय, कन्हैया उपाध्याय, अशोक राम (पूर्व बीडीसी), आनंद उपाध्याय, सदानंद राम, श्रीराम उपाध्याय आदि उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने विधायक के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी पहल से उम्मीद की किरण जगी है।
यह घटना एक बार फिर सिखाती है कि प्रकृति का कोप कितना क्षणभंगुर हो सकता है, लेकिन मानवीय संवेदना इससे भी मजबूत। प्रशासन से अपेक्षा है कि जल्द ही पीड़ितों को स्थायी राहत मिले।
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