चंदौली के सकलडीहा पीजी कॉलेज, में 8 अप्रैल 2026 को मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत 'नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन' विषय पर एक रोचक और प्रेरणादायी गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल कॉलेज की छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प भी जगाया। बड़ी संख्या में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय के प्रेरक वक्तव्य से हुआ। उन्होंने नारी सशक्तिकरण और नारी अस्मिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना महिलाओं की व्यापक भागीदारी से ही साकार होगा। सदियों तक उपेक्षित रही महिलाएं अब देश के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। उनके ये शब्द उपस्थित सभी के मन में उत्साह का संचार कर गए।
मुख्य वक्ता के रूप में पं. कमलापति त्रिपाठी गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चंदौली की डॉ. रितु खरवार ने अपनी वाणी का जादू बिखेरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जागरूकता ही महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान का कवच प्रदान करती है, जबकि शिक्षा उन्हें स्वावलंबी बनाती है।" उनके विचारों ने छात्राओं को आत्मनिर्भरता की प्रेरणा दी। वहीं, डॉ. सीता मिश्रा ने सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने वूमेन हेल्पलाइन नंबर, नई जागरूकता योजनाओं और अन्य सहायता सेवाओं के बारे में बताया, जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए वरदान सिद्ध हो रही हैं।
कार्यक्रम का कुशल संचालन यज्ञ नाथ पांडेय ने किया, जिनकी सहज शैली ने पूरे आयोजन को रोचक बनाए रखा। इस अवसर पर डॉ. बंदना, डॉ. रीता वर्मा, श्रीमती मीनू जायसवाल, डॉ. प्रीतम उपाध्याय और डॉ. मीनू श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महाविद्यालय की सैकड़ों छात्राओं ने गोष्ठी में उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सवालों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।
यह गोष्ठी न केवल मिशन शक्ति के उद्देश्यों को मजबूत करने वाली रही, बल्कि युवा पीढ़ी में नारी शक्ति के प्रति सकारात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करने वाली साबित हुई। ऐसे आयोजनों से समाज में लैंगिक समानता का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।
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