स्वामी प्रसाद मौर्य की बहू के निधन पर शुभचिंतकों का तांता, राजनीतिक हस्तियों ने अर्पित की पुष्पांजलि
सटीक संवाद। 05 अप्रैल 2026।प्रतापगढ़ अपनी जनता पार्टी (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के भतीजे आर.के. मौर्य की पत्नी, शिक्षिका कादंबरी मौर्य के हृदयाघात से अचानक निधन पर पैतृक निवास प्रतापगढ़ में विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभागार में सैकड़ों शुभचिंतक, कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का तांता लगा रहा। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा को भावभीनी विदाई दी, जो मौर्य परिवार के प्रति गहरी संवेदना का प्रतीक बनी।
स्वामी प्रसाद मौर्य का भावुक उद्गार एवं सभा का शुभारंभ
आंसुओं से भरी आंखों के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य ने सभा का शुभारंभ किया। उन्होंने कादंबरी मौर्य को 'परिवार की अमूल्य धरोहर एवं समाज सेवा की प्रेरणा स्रोत' बताते हुए कहा, "वह न केवल एक आदर्श गृहिणी थीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में सदैव सक्रिय रहती थीं। उनका अकस्मात निधन परिवार, समाज और मेरे लिए अपूरणीय क्षति है।" मौर्य ने उपस्थित सभी शुभचिंतकों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे मौर्य परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहें और कादंबरी के आदर्शों को आगे बढ़ाएं।
सभा का स्वरूप एवं राजनीतिक महत्व
श्रद्धांजलि सभा में महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या दिखी, जो कादंबरी मौर्य के सामाजिक कार्यों और शिक्षण पेशे से गहराई से प्रेरित थीं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, स्थानीय कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों ने प्रतापगढ़ के सभागार को भर दिया। यह आयोजन न केवल मौर्य परिवार के प्रति व्यापक संवेदना को दर्शाता है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्वामी प्रसाद मौर्य के मजबूत सामाजिक आधार और प्रभाव को भी रेखांकित करता है। सभा के अंत में सभी ने 'कादंबरी मौर्य अमर रहें' के नारों के साथ विदाई ली।
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