चंदौली। पुरानी कहावत "जब तक टेंगरा नहीं अटकता, मियां बाप-बाप नहीं चिल्लाता" चंदौली के धानापुर थानेदार पर एकदम फिट बैठ गई। महीनों से सीतापोखरी बाजार में खुलेआम गांजा बिक्री का गोरखधंधा फल-फूल रहा था। थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन सोते रहे, मानो मियां की तरह छुप-छुपकर पानी पी रहे हों। चोर-चोर मौसेरे भाई का खेल तब तक चला, जब तक किसी साहसी पत्रकार ने बाजार में तस्वीरें क्लिक कर पोल खोल दीं। हड़कंप मच गया। ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह का नाम भी जोर-शोर से चर्चा में आ गया। दो दिनों तक सिफारिशियों का दौर चला—फोन पर ऊंचे-ऊंचे रसूखदारों की लाइन लग गई। लेकिन मामला न सुलझा तो उच्चाधिकारियों के सख्त आदेश पर पुलिस हरकत में आई। नतीजा? 61 साल के बुजुर्ग नशेड़ी दुक्खू राम को धर दबोचा गया और 1 किलो 15 ग्राम गांजा जब्त।
मुखबिर की टिप पर धावा: 'पुड़िया' दुकान ध्वस्त, बुजुर्ग तस्कर ने कबूल किया काला खेल
उच्चाधिकारियों की फटकार खाने के बाद प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन की अगुवाई में धानापुर थाना पुलिस ने मुखबिर की गुप्त सूचना पर किशुनपुरा रास्ते के पास संदिग्ध को दबोच लिया। पकड़े गए दुक्खू राम उर्फ हरिश्चंद्र राम (61 वर्ष, पुत्र स्व. लच्छन राम, निवासी हिंगुतरगढ़, धानापुर) ने पूछताछ में सब कबूल कर लिया। वह खुद नशे का कट्टर आदी है और सीतापोखरी (धरांव) के पान की दुकान 'गोमती' के पीछे 'पुड़िया' बनाकर ग्राहकों को 30, 40 या 60 रुपये में परोसता था। ग्राहक लाइन लगाते—ट्रक ड्राइवर से लेकर स्थानीय युवा तक। उसकी निशानदेही पर गोमती नदी के किनारे से 1 किलो 15 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। थाने में मुकदमा संख्या 0054/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट दर्ज कर लिया गया। चौंकाने वाला खुलासा—दुक्खू ने एक अन्य साथी का नाम लिया, जिसकी तलाश तेज हो गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह साथी बाजार में सप्लाई का 'मास्टरमाइंड' है।
बाजारवासियों का गुस्सा: "थाने वाले सब जानते थे, अब करोड़पति बनने का सपना टूटा"
स्थानीय दुकानदार और बाजारवासी गुस्से से फुर्ती हैं। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "यह सब थाने की नाक के नीचे हो रहा था। रातोंरात ट्रक आते, गांजा उतरता और बंट जाता। दुक्खू अकेला नहीं, बड़ा नेटवर्क है।" अब पता चला कि काले कारोबार से शुरू होता है करोड़पति बनने का सपना। दुक्खू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि छोटे-मोटे पुड़िया बेचने से शुरू किया, लेकिन अब सपना था बड़ा स्मगलिंग रैकेट खड़ा कर करोड़ों कमाने का। गोमती नदी के रास्ते नेपाल बॉर्डर से माल आता, बाजार में बिकता और मुनाफा ऊंचे लोगों तक पहुंचता। पत्रकार की तस्वीरों ने यह सपना चूर-चूर कर दिया। बाजार में अब सन्नाटा है—लोग कहते हैं, "अब शायद असली चोर पकड़े जाएं।"
पुलिस का दावा: जांच तेज, और गिरफ्तारियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला गंभीर है। ब्लॉक प्रमुख के नाम की जांच चल रही है और थाना प्रभारी पर कार्रवाई के आदेश हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त सजा तय है। यह घटना चंदौली में नशे के खिलाफ नई मुहिम का संकेत दे रही है। क्या यह सिलसिला थमेगा या और राज खुलेंगे? इंतजार कीजिए...
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