चंदौली के सकलडीहा पीजी कॉलेज में आज, 15 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव के निर्देशानुसार मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत 'नारीशक्ति पदयात्रा' का भव्य आयोजन किया गया। यह पदयात्रा नारी सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुई, जिसमें सैकड़ों छात्राओं, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पदयात्रा का भव्य शुभारंभ
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने महिला शिक्षिकाओं के साथ मिलकर पदयात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा नागेपुर गांव और सकलडीहा तहसील होते हुए आगे बढ़ी। रास्ते भर 'नारी जागृति के नारे' गूंजते रहे, जिनमें 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'मिशन शक्ति से नारी शक्ति' जैसे जोशीले नारे प्रमुख थे। जगह-जगह स्थानीय लोगों को संबोधित कर छात्राओं ने महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और लिंग समानता पर जागरूकता फैलाई।
छात्राओं का संवादात्मक जागरण
पदयात्रा के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें नुक्कड़ नाटक, स्लोगन प्रतियोगिता और पोस्टर प्रदर्शनी शामिल रही। इनके माध्यम से घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे मुद्दों पर रोचक तथ्य प्रस्तुत किए गए। एक छात्रा ने बताया, "यह पदयात्रा हमें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि मानसिक रूप से भी आत्मविश्वास प्रदान करती है।"
विशेष अतिथियों की सहभागिता
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों और उनके कार्यक्रम अधिकारी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई, जो इस आयोजन को और व्यापक बनाने में सहायक सिद्ध हुए। साथ ही, महाविद्यालय की एनएसएस इकाई ने 'मातृत्व पखवाड़ा' का भी आयोजन किया, जिसमें बालिकाओं के मानसिक विकास पर केंद्रित काउंसलिंग सत्र आयोजित हुए। विशेषज्ञों ने तनाव प्रबंधन, आत्मसम्मान और करियर मार्गदर्शन पर उपयोगी सलाह दी।
प्रमुख सहयोगियों की भूमिका
मिशन शक्ति कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सीता मिश्रा और डॉ. वंदना ने आयोजन को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई। महाविद्यालय के उप-प्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव, प्रो. दयाशंकर सिंह यादव, डॉ. रजनीश गुप्ता, यज्ञनाथ पांडेय, डॉ. अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण और छात्राओं ने पदयात्रा में हिस्सा लिया। प्राचार्य प्रो. पांडेय ने समापन पर सभी को संबोधित करते हुए कहा, "नारीशक्ति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहेंगे।"
यह आयोजन नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
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