वाराणसी, 10 अप्रैल 2026: गंगा के किनारे बसे इस पवित्र नगरी में किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई को नई दिशा मिली है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन (भाकियू संयुक्त) के वाराणसी मंडल में रवींद्र नाथ सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को मंडल अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया है। यह नियुक्ति दीनानाथ श्रीवास्तव ने की, जो यूनियन के वरिष्ठ नेता के रूप में जाने जाते हैं। मुन्ना सिंह का चयन किसान समुदाय में उत्साह का विषय बन गया है, क्योंकि वे लंबे समय से क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
मुन्ना सिंह खेती-किसानी के पेशे से जुड़े एक जुझारू नेता हैं, जिन्होंने वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, बीजों की ऊंची कीमतों और फसल बीमा जैसी समस्याओं के खिलाफ आवाज बुलंद की है। स्थानीय किसानों के अनुसार, वे 'मुन्ना भैया' के नाम से लोकप्रिय हैं और अक्सर खेतों में उतरकर मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते दिखते हैं। दीनानाथ श्रीवास्तव ने नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा, "मुन्ना सिंह की मेहनत और समर्पण से मंडल स्तर पर यूनियन की गतिविधियां और मजबूत होंगी। वे युवा किसानों को संगठित कर केंद्र सरकार की नीतियों का डटकर मुकाबला करेंगे।"
यह नियुक्ति उस समय हुई है जब उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली की ओर कूच करने की तैयारी में हैं। भाकियू संयुक्त ने हाल ही में MSP की गारंटी और कर्ज माफी जैसे मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मुन्ना सिंह ने पदभार संभालते ही कहा, "हम वाराणसी मंडल के हर खेत, हर गांव तक पहुंचेंगे। गंगा-यमुना के दोआब के किसानों का दर्द हमारा दर्द है।"यूनियन के सदस्यों ने नियुक्ति का स्वागत जुलूस निकालकर किया, जिसमें पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ नारे लगाए गए।
स्थानीय स्तर पर यह खबर किसानों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग उम्मीद जता रहे हैं कि मुन्ना सिंह के नेतृत्व में वाराणसी मंडल राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाएगा। यूनियन की अगली बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस दौरान किसान नेताओं में शेषनाथ यादव, पिंटू पाल, विजयकांत पासवान गुड्डू, राम आशीष शर्मा गुड्डू, रामप्रकाश, राम अवतार, सीहोर पासवान, राम अवध यादव सहित अन्य थे।
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