चंदौली के बरहनी ब्लॉक के अदसड़ गांव में किसान विकास मंच के तत्वावधान में आंधी-बारिश भरे मौसम के बीच किसान चौपाल का आयोजन किया गया। किसानों ने सरकार द्वारा खेती-किसानी की उपेक्षा पर गंभीर विचार-विमर्श किया।
वक्ता विद्याभूषण राय ने कहा कि सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में आ गई है। कंपनियां खेती और खेतों पर अपना अधिकार जमाना चाहती हैं, जबकि भारत सरकार उनकी सेवा में लगी हुई है। बिजली का निजीकरण इसका ज्वलंत उदाहरण है।
किसान विकास मंच के नेता राजेश पांडेय ने कहा कि गेहूं का बाजार भाव काफी कम है। सरकार को हर न्याय पंचायत में कम से कम तीन गेहूं खरीद केंद्र खोलने चाहिए, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
बुजुर्ग नेता जमुना सिंह ने कहा कि भारत सरकार अमेरिकी साम्राज्य के आगे सरेंडर कर चुकी है, जिससे किसान और आमजन संकट में हैं। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्य का मुकाबला भारत के किसान, मजदूर और नौजवान ही कर सकते हैं। मोदी सरकार तो अमेरिका के हाथों बिक चुकी है।
कार्यक्रम में सुजीत कुमार सिंह सोनू, अरुण सिंह, रणविजय सिंह, हरिनारायण गुप्ता, सतीश गुप्ता, इकराम अली, बिमल सिंह, सत्यम सिंह, अनिल पांडेय, कामेश्वर सिंह आदि शामिल हुए। अध्यक्षता जमुना सिंह ने की और संचालन राम अवध सिंह ने किया
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