पुलिस टीम और कस्बा चौकी प्रभारी तुरंत पहुँच कर नाले व आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है; ठीक कारण और समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और सीसीटीवी के सहारे जांच तेज कर दी गई है।
थाना स्तर पर टीम गठित कर क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोग तथा समाजसेवी घटनास्थल पर इकठ्ठा हुए और उन्होंने इस कृत्य की निंदा की। कई नागरिकों ने कहा कि सामाजिक दबाव और लोक-लाज के कारण कोई ऐसा कदम उठा सकता है, जबकि बच्चे को अस्पताल, अनाथालय या सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा सकता था। महिलाएं और समाजकर्मी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से गर्भवती महिलाओं के लिए जागरूकता, गोपनीय सहायता और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने और सामाजिक संगठनों व स्वास्थ्य विभाग के साथ त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र बनाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि गर्भवती महिलाओं की असहाय स्थिति के संदिग्ध मामले तुरंत हेल्पलाइन या नजदीकी चौकी को सूचित करें। घटना ने मुगलसराय में शोक व आक्रोश दोनों की स्थिति पैदा कर दी है और लोग पुनरावृत्ति रोकने के ठोस कदम चाहते हैं।
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