ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जल निगम के अधिकारियों और ठेकेदार ओमप्रकाश यादव से कई बार संपर्क किया, पर हर बार केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार मामले को टालमटोल कर रहा है, जबकि जूनियर इंजीनियर (जेई) को शिकायत के बाद भी करीब एक महीने से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है।
कैलावर के ग्रामीण मनोज यादव, कोमल यादव और एडवोकेट संदीप यादव ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जलापूर्ति बहाल न होने पर वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार करोड़ों रूपए खर्च कर नल-जल उपलब्ध कराने का वादा करती रही, लेकिन धरातल पर यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है। स्थानीय लोग पूछते हैं कि प्रशासन इस समस्या पर कब संज्ञान लेगा और कब उन्हें प्यास से राहत मिलेगी।
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