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5 साल, 50 लाख, नतीजे साफ: रैथा में जनता ने सराहा विकास कार्य

प्रधान ने खोले पांच साल के बड़े राज, जमीन पर दिखी ठोस उपलब्धि

चंदौली। धानापुर विकास खंड की रैथा ग्राम सभा में शनिवार को सटीक संवाद न्यूज़ टीम ने पंचायत स्तर पर किए गए विकास कार्यों का स्वयं जाकर जायजा लिया। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान पंचायत द्वारा कराए गए कामों को लेकर व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। किसी भी गंभीर शिकायत या आलोचना का उल्लेख नहीं हुआ, जबकि लोगों ने प्रधान प्रतिनिधि और पंचायत सदस्यों के प्रयासों की खुले तौर पर प्रशंसा की।

रैथा ग्राम सभा की कुल आबादी लगभग 5 हजार है और मतदाताओं की संख्या करीब 3 हजार है। पंचायत चुनाव में लगभग 1,600 मत डाले गए थे जिसमें पुरुष मतदाता लगभग 900 और महिला मतदाता करीब 700 थे। वर्ष 2021 के चुनाव में मुहम्मद इजहार 407 वोट पाकर विजयी हुए थे; उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 199 वोट प्राप्त हुए थे, जिससे 205 मतों के अंतर से जीत सुनिश्चित हुई थी।



प्रधान प्रतिनिधि मुहम्मद दिलशेर ने अपने पांच वर्षीय कार्यकाल में हुए प्रमुख विकास कार्यों व कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा देते हुए बताया कि केंद्र और राज्य की कई योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुँचाया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 400 लोगों के कार्ड बन चुके हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही योजना से 18 लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 58 और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 8 परिवारों को घर मिले हैं; इसके अलावा 9 दिव्यांगों को आवासीय सुविधा प्रदान की गई है।



सामाजिक सुरक्षा के दायरे में 32 महिलाओं को विधवा पेंशन, 45 वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन तथा लगभग 30 दिव्यांग पेंशनधारकों को लाभ दिया जा रहा है। मनरेगा कार्यों के माध्यम से गांव में कच्चे और पक्के विकास कार्यों पर करीब ₹20 लाख खर्च किए गए हैं और पंचायत में लगभग 500 जॉब कार्डधारक दर्ज हैं। ग्राम पंचायत का वार्षिक बजट केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की मदों समेत लगभग ₹10 लाख है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में विकास कार्यों के लिए कुल मिलाकर लगभग ₹50 लाख प्राप्त हुए, जिनका उपयोग बुनियादी ढांचा मजबूत करने में किया गया।



ग्राम समाज के हित के लिए विवादास्पद जमीनों को प्रशासनिक मदद से सार्वजनिक उपयोग में लाया गया। इसी अंतर्गत ग्राम में अंबेडकर पार्क, जल निगम की टंकी व लगभग चार बीघा में तालाब का निर्माण कराया गया। पहले अवैध कब्जे में रही इन जमीनों को मुक्त कराकर ग्राम के उपयोग के लिए विकसित किया गया। यादव बस्ती की एक अन्य विवादित जमीन को भी तालाब के रूप में तैयार कर आसपास के चार गांवों के सिंचाई व उपयोगी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।



रैथा ग्राम सभा की सामाजिक संरचना में सबसे बड़ी हिस्सेदारी पिछड़ा वर्ग की है, उसके बाद अनुसूचित जाति तथा सामान्य वर्ग के परिवार रहते हैं। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ग्राम ने कई नाम भी दिए हैं; पारसनाथ राय कोलफील्ड में निदेशक पद पर, राजेश राम यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक, डॉ. अशोक राम एमबीबीएस और एमडी हैं, वहीं कुछ युवा स्कूल और कोलफील्ड में स्थायी नौकरी कर रहे हैं। गांव में लगभग 50 प्रतिशत आरसीसी सड़क निर्माण पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ANM व CHO केंद्र संचालित हैं। 



प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत टाइल्स, डेस्क-बेंच, दिव्यांग शौचालय व बाउंड्रीवाल बनवाए गए हैं और मध्याह्न भोजन योजनाओं के माध्यम से बच्चों को निर्धारित मेन्यू पर पोषणयुक्त भोजन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब निर्माण, सड़क, आवास और पेंशन जैसी योजनाओं ने सीधे तौर पर उनकी जीवनशैली में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।




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