चंदौली के धानापुर क्षेत्र के गुरैनी पम्प कैनाल के पास किसानों और यूनियन के नेताओं ने गंगा कटान रोकने के कथित मद्देनजर खर्च की गई करोड़ों रुपये की नष्टता और अधिकारियों की निष्क्रियता के खिलाफ बुधवार से तीखा विरोध जताना जारी कर दिया है। इस धरने में किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने दावा किया कि गंगा कटान रोकने के लिए सरकार ने दो किस्तों में कुल लगभग दस करोड़ रुपये जारी किए थे, पर जो पत्थर कंक्रीट लगाये गए वे पानी में बह गए और कटान पर कोई असर नहीं दिखा।
श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी निखिल टी. फूंडे और चंद्र मोहन गर्ग मौके पर निरीक्षण कर चुके हैं, फिर भी न तो कटान रुका और न ही परियोजना के कार्य में गतिशीलता आई। उन्होंने विधायक सुशील सिंह के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि शिलान्यास और उद्घाटन दोनों वे स्वयं करेंगे; पर अब परियोजना अधूरी रह जाने के कारण उद्घाटन नामुमकिन हो गया है। किसान नेता ने आरोप लगाया कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि ही सरकार की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं जबकि स्थानीय जनता रोज़मर्रा की परेशानियों से जूझ रही है।
धरने में उपस्थित लोगों ने त्वरित निरीक्षण, प्रभावी संरक्षणात्मक कदम, कटान रोकने तथा अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा करने की स्पष्ट माँग रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल धरना स्थल पर शांति बनाए रखने के निर्देश दिये हैं और बातचीत की बात कही है, लेकिन किसान यूनियन ने तब तक धरना जारी रखने का ऐलान किया है जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो जाता।
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