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शिकायतें लंबित रहीं तो सजा मिली: 2 थानेदार सहित 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, विभागीय जांच जारी

चंदौली। विवेचनात्मक व प्रशासनिक लापराही तथा आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में दो थाना प्रभारियों समेत छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी के खिलाफ प्रारंभिक व विभागीय जांच आदेशित की गई है। निलंबित पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन चंदौली में अटैच कर दिया गया है।

एसपी की समीक्षा में विभिन्न थानों पर लंबित विवेचनाओं, शिकायतों के समय पर निस्तारण में देरी, थाने के रजिस्टर व मालखाने में अनियमितताएँ तथा फील्ड ड्यूटी में उपेक्षा पाए जाने की जानकारी मिली। विशेष रूप से गो-तस्करी, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट और साइबर सहित संवेदनशील मामलों में आवश्यक पत्रावली, भौतिक सत्यापन और सबूतों की समय पर जांच नहीं कराई गई।

आईटीएसएसओ पोर्टल और स्थानीय निरीक्षणों से कई ऐसे प्रकरण सामने आए जिनमें विवेचना निर्धारित समय-सीमा (60/90 दिन) के भीतर पूरी नहीं हुई। कई शिकायतें और मामले महीनों से लंबित रहे। समीक्षा में FIR-सम्बंधित विवेचना में देरी, आवश्यक दस्तावेजों व भौतिक सत्यापन का अभाव, थाने के रजिस्टर व मालखाना के अभिलेखों का खराब रखरखाव, फील्ड गश्त व चेकिंग में उदासीनता तथा फर्जी रिपोर्टिंग के संकेत विशेष रूप से प्रकाश में आए।

किस पर कार्रवाई हुई:
निलंबितों में दारोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के कर्मचारी शामिल हैं।आधिकारिक आदेश में दो थाना प्रभारियों के नाम जारी नहीं किए गए हैं; समीक्षा में कन्दवा, चन्दौली, शहाबगंज और अलीनगर थानों के प्रकरण विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं: थानाध्यक्ष कन्दवा राजीव मल्ल, हे0मु0 मनोज सागर, निरीक्षक रामजीत यादव, उपनिरीक्षक प्रेमचन्द्र सिंह, निरीक्षक दयाराम गौतम तथा प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ल।

SP आकाश पटेल ने कहा: "किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट आने पर सेवा से बर्खास्तगी तक की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।जनपद के सभी थानों को निर्देश दिया गया है कि प्राप्त शिकायतों व लंबित मामलों का निस्तारण सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। फील्ड गश्त और चेकिंग रोजाना की जाएं; फर्जी रिपोर्टिंग पाये जाने पर तत्काल निलंबन होगा। साथ ही सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने थानों पर नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण की रिपोर्ट सौंपें।

प्रतिक्रिया व प्रभाव
निलंबन के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन की जवाबदेही और अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई जनपद में कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने, गो-तस्करी व संवेदनशील अपराधों पर कड़ी निगरानी रखने और जनता का विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से की गई है।स्थानीय लोगों का मानना है कि तेज़ निस्तारण से आम नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा, जबकि कुछ जानकारों का कहना है कि यह थानों में प्रणालीगत सुधार की ओर एक आवश्यक कदम है।

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