किसानों का धरना आठवें दिन भी जारी, प्रशासन निष्क्रियता पर नाराज
धानापुर (चंदौली) — नदहा‑गुरैनी पम्प कैनाल के पास गंगा कटान के विरोध में किसानों का धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2021 में कैनाल के दोनों ओर और गुरैनी गाँव के सामने कुल 1,500 मीटर (प्रत्येक दिशा में 500 मीटर) पत्थर पीचिंग का प्रस्ताव रखा गया था ताकि कटान से बचाव हो सके।
तत्कालीन एसडीओ अभय श्रीवास्तव ने यह मांग लखनऊ में रखी थी और सरकार ने बजट स्वीकृत कर शिलान्यास कराया था। मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस में आयोजित शिलान्यास के दौरान विधायक सुशील सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव और जिले के अधिकारी मौजूद थे। बाद में विधायक ने भी मौके पर शिलान्यास किया था।
किसानों का आरोप है कि शिलान्यास के बाद भी ठेकेदारों तथा जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण काम गुणवत्ताहीन हुआ। किसानों ने कहा कि 2021 से 2025 के बीच आई बाढ़ में अधिकांश पत्थर पीचिंग बह गई, जिससे अनुमान है कि लगभग दस करोड़ रुपये मूल्य का कार्य पानी में समेट गया। इसके अलावा बारजा व पाइपलाइन लगाने के लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, पर वह कार्य भी अधूरा रह गया।
किसान यूनियन ने दोषियों — ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों — से खर्च की वसूली की मांग की है। धरने में शामिल किसान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और सकलडीहा के उप‑जिलाधिकारी पर मौके पर नहीं आने तथा मामले की नजाकत समझने में उदासीन होने का आरोप लगा रहे हैं। दीनानाथ ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर स्थायी बचाव कार्य और सम्मानजनक मुआवजा नहीं करता है तो संगठन कठोर कदम उठा सकता है। उन्होंने आला अधिकारियों के पुतले दहन की योजना और आत्मदाह जैसे प्रेरक संघर्ष के संकेत भी दिए।
स्थानीय दस गांवों की खेती और आजीविका सीधे इस तट पर निर्भर हैं, इसलिए किसान तब तक धरना जारी रखेंगे जब तक गुणवत्ता पूर्ण पत्थर पीचिंग, निरंतर निगरानी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित न हो। धरने में शिवराज यादव, रामअवध यादव, अशोक, मंजे बिन्द, चन्द्रिका प्रसाद मौर्य, बृजेश पाण्डेय, धर्मदेव यादव, उमा यादव, हरीश यादव, सोनू यादव तथा जियुत यादव सहित कई किसान मौजूद रहे।
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